
झारखंड अपनी खनिज संपदा की वजह से विश्व भर में प्रसिद्ध है. 250 किलो सोने के भंडार वाली खान नीलामी के लिए तैयार है. कोरोना महामारी के कारण राज्य की आर्थिक हालात ठीक है नहीं है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साफ़ कहा है की हमारे सामने राजस्व की सबसे बड़ी चुनौती है. इस लिहाजे से ये 120 करोड़ सरकार की काफी मददगार साबित होगी।
पूर्वी सिंहभूम जिले के भीतरडारी स्थित खान से राज्य सरकार के खजाने में 120 करोड़ रुपए आने की संभावना है। भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण के उप महानिदेशक जनार्दन प्रसाद और निदेशक पंकज कुमार सिंह ने राज्य के खान सचिव अबूबकर सिद्दीकी को इस खान में भंडार का पता लगाने का पूरा हो जाने की रिपोर्ट सौंपी। झारखंड सरकार का खान विभाग अब नीलामी की तैयारी करेगा।
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भीतरडारी में सोने की भंडार का पता लगाने का काम भूतत्ववेत्ता पंकज कुमार सिंह के निर्देशन में चल रहा था। इसमें अलग-अलग गुणवत्ता वाले सोने की मात्रा का पता चला है। अलग वेराइटी के स्वर्ण अयस्कों से कुल मिलाकर 250 किलो सोना निकलने की संभावना है।
भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण की रिपोर्ट में कहा गया है कि झारखंड देश के गोल्ड स्पॉट वाले राज्य की संभावना के रूप में विकसित हो रहा है। इससे पहले भी लावा, कुंदरकोचा, पहाड़डीहा और परासी में सोने की भंडारों का पता लगाया जा चुका है।
प्रदेश में सात और स्थानों पर सोने की खान के संकेत मिल चुके हैं। आने वाले दिनों में यहां खोज कार्य को आगे बढ़ाकर संभावनाओं का पता लगाया जा सकता है। रांची से लेकर तमाड़ के बीच सोने की खानों की खोज का काम अरसे से चल रहा है। कई स्थानों पर स्वर्णरेखा नदी के बालू से भी सोने की कणों के छानने का काम चलता है।
