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Ranchi News : महिला का सीम निकालकर 1.88 लाख की ठगी करने वाला किरायेदार गिरफ्तार, साइबर पुलिस की बड़ी सफलता

Megha Sinha

रांची में साइबर अपराध के एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ है। महिला की पहचान अनिमा तिग्गा के रूप में हुई है, जिन्होंने 21 जून 2025 को साइबर अपराध थाना रांची में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, 2 जून से 15 जून 2025 के बीच उनके विभिन्न बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से कुल ₹1,88,570 की अवैध निकासी की गई। जांच में खुलासा हुआ कि इस ठगी को किसी और ने नहीं, बल्कि उनका ही किरायेदार अंजाम दे रहा था, जो उनके घर में ही रह रहा था।

साइबर थाना कांड संख्या 164/2025 के तहत इस मामले की गहन जांच की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि आरोपी अभिषेक कुमार, उम्र 21 वर्ष, पिता शत्रुधन चौधरी, निवासी वार्ड नंबर-15, सदापुर, थाना महुआ, जिला वैशाली (बिहार), अनिमा तिग्गा का ही किरायेदार था। उसने बड़ी चालाकी से महिला के मोबाइल से उनका सिम निकाल लिया और ब्लैंक सिम डालकर धोखे से पुराने सिम को अपने कब्जे में रख लिया। इसके बाद उस सिम का इस्तेमाल कर वह पीड़िता के बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से यूपीआई बना कर पैसे निकालने में सफल रहा।

आरोपी ने ठगी के लिए कई स्थानीय C.S.P. (कस्टमर सर्विस प्वाइंट) संचालकों का सहारा लिया। उसने UPI के माध्यम से पैसे स्कैनर में ट्रांसफर किए और फिर उन C.S.P. संचालकों से नकद रुपये ले लिए। यह पूरा फर्जीवाड़ा इतने सुनियोजित तरीके से किया गया कि पीड़िता को इसका पता कई दिनों बाद चला, जब उनके खाते से रुपये गायब हो चुके थे। साइबर पुलिस की तत्परता और तकनीकी निगरानी की वजह से आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस उप-महानिरीक्षक सह वरीय पुलिस अधीक्षक रांची ने इस पूरे ऑपरेशन की सराहना की और साइबर पुलिस की टीम को बधाई दी। इस मामले से यह साफ है कि आज के डिजिटल युग में ठग किस हद तक जा सकते हैं और इससे सतर्क रहने की जरूरत है। आम लोगों को यह सीखने की आवश्यकता है कि किसी को भी अपने मोबाइल, बैंक डिटेल्स या ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी साझा न करें — चाहे वह कितना भी भरोसेमंद क्यों न लगे।