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World Economic Conference 2026
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World Economic Conference 2026 : वैश्विक मंच पर धरती आबा की बेटियों की आत्मनिर्भरता से परिचित होगी दुनिया

Megha Sinha
World Economic Conference 2026
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World Economic Conference 2026 सशक्त झारखण्ड, सशक्त नेतृत्व और समावेशी विकास पर विश्व आर्थिक मंच में बोलेंगी कल्पना सोरेन

World Economic Conference 2026 में झारखण्ड पहली बार वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराएगा। महिला नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास के मॉडल को कल्पना सोरेन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखेंगी।

World Economic Conference 2026 : विश्व आर्थिक सम्मेलन 2026 में पहली बार झारखण्ड की सशक्त और प्रभावशाली उपस्थिति कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। यह केवल राज्य की औद्योगिक क्षमता और “इन्फिनाइट ऑपर्च्युनिटी स्टेट” के रूप में पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देगा कि जब समाज की आधी आबादी—महिलाएं—नेतृत्व करती हैं, तब विकास अधिक समावेशी, स्थायी और मजबूत होता है।

इसी सोच को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का दायित्व झारखण्ड की बेटी, विधायक और झारखण्ड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष कल्पना सोरेन निभाने जा रही हैं। दावोस में आयोजित होने वाली विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक और इसके बाद यूनाइटेड किंगडम की यात्रा के दौरान वे महिला नेतृत्व, लैंगिक समानता और समावेशी विकास पर राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी।

कल्पना सोरेन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह स्पष्ट करेंगी कि झारखण्ड की महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की वाहक बन चुकी हैं। वे आदिवासी, ग्रामीण और आर्थिक रूप से हाशिए पर रहने वाले समुदायों की महिलाओं की वास्तविकताओं, संघर्षों और सफलताओं को वैश्विक समुदाय के सामने प्रस्तुत करेंगी।


World Economic Conference 2026 : महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड सरकार ने महिला सशक्तिकरण को नीति के केंद्र में रखा है। दावोस में कल्पना सोरेन महिला राजनीतिक नेतृत्व, आर्थिक भागीदारी और समान अवसरों पर केंद्रित कई उच्चस्तरीय संवादों में भाग लेंगी।

इनमें BRICS महिला सशक्तिकरण पैनल, ET Women Empowerment Dialogue, Alliance for Global Good का ‘We Lead’ मंच और इंडिया पवेलियन के आधिकारिक कार्यक्रम शामिल हैं। इन मंचों से वे यह संदेश देंगी कि महिला विकास केवल प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता और संस्थागत सशक्तिकरण पर आधारित होना चाहिए।


World Economic Conference 2026 : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहीं झारखण्ड की महिलाएं

विश्व आर्थिक मंच में यह भी बताया जाएगा कि झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के माध्यम से राज्य की 35 लाख से अधिक महिलाएं 2.80 लाख से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। हाल के वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए ₹5000 करोड़ से अधिक का ऋण स्वीकृत किया गया है।

लखपति दीदी, पलाश, जोहार, झिमडी (JICA समर्थित सूक्ष्म ड्रिप सिंचाई), अदिवा और आजीविका कैफे जैसी योजनाओं ने हजारों महिलाओं को सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित करने में सक्षम बनाया है। पलाश ब्रांड के उत्पाद अब राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी पहुंच रहे हैं, जिनका कारोबार 2026 तक 45 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

इसके अलावा मंईयाँ सम्मान योजना के तहत महिलाओं को हर वर्ष मिल रही लगभग 17 हजार करोड़ रुपये की सहायता राशि से महिला-केंद्रित आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिली है।


World Economic Conference 2026 : यूके में शिक्षा और कौशल विकास पर होगी चर्चा

दावोस के बाद कल्पना सोरेन यूनाइटेड किंगडम में शिक्षा, कौशल विकास, जलवायु परिवर्तन और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े राउंड टेबल संवादों में भाग लेंगी। वे यूके सरकार के अधिकारियों और प्रवासी भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगी।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के साथ वे मरांग गोमके स्कॉलरशिप के तहत यूके में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे झारखण्ड के छात्रों से संवाद करेंगी। यह यात्रा भारत-यूके के बीच समावेशी विकास, महिला नेतृत्व और संस्थागत क्षमता निर्माण को और मजबूत करेगी।