
World Economic Forum : WEF दावोस में इंडिया पेवेलियन उद्घाटन के दौरान CM Hemant Soren ने वैश्विक मंच पर झारखण्ड की विकास क्षमता को रखा मजबूती से
World Economic Forum : CM Hemant Soren ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में इंडिया पेवेलियन उद्घाटन समारोह में भाग लेकर हरित ऊर्जा, औद्योगिक निवेश और सतत विकास के क्षेत्र में झारखण्ड की असीम संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक के दौरान दावोस में आयोजित इंडिया पेवेलियन के उद्घाटन समारोह में झारखण्ड के CM Hemant Soren ने भाग लिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत सरकार, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, वैश्विक उद्योग जगत के दिग्गज, नीति निर्माता और निवेशक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड का पहली बार इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर प्रतिनिधित्व करना राज्य के लिए गर्व और अवसर दोनों है।
CM Hemant Soren ने अपने संबोधन में कहा कि झारखण्ड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और खनिज, वन, जल, ऊर्जा तथा मानव संसाधन के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ रखता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरित ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधन, ग्रीन इंडस्ट्री, सतत विकास और पर्यावरण संतुलन को केंद्र में रखकर नीतियाँ बना रही है, जिससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध झारखण्ड का निर्माण किया जा सके।

Hemant Soren ने “विकसित भारत 2047” और “समृद्ध झारखण्ड 2050” के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार इन दीर्घकालिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ठोस रणनीति और नीति सुधारों के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि झारखण्ड में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण, पारदर्शी प्रशासन, सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और उद्योग-अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
WEF दावोस के दौरान CM Hemant Soren ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों, वैश्विक कंपनियों और निवेशकों के साथ सार्थक बैठकें कीं। इन चर्चाओं में हरित ऊर्जा, स्टील, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी, स्टार्ट-अप्स और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन बैठकों से झारखण्ड में बड़े निवेश आएंगे और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
CM Hemant Soren ने कहा कि झारखण्ड सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि समावेशी विकास है, जिसमें आदिवासी, ग्रामीण, महिला और युवा वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा और सतत औद्योगिक विकास के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक प्रगति संभव है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने इंडिया पेवेलियन उद्घाटन समारोह में शामिल सभी प्रतिभागियों, निवेशकों और प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दावोस में हुई चर्चाएँ झारखण्ड के विकास, निवेश और वैश्विक पहचान को नई दिशा देंगी और राज्य को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान करेंगी।
