
World Economic Forum : सीएम हेमन्त सोरेन के विज़न की इंफोसिस के ईवीपी ने की सराहना, युवाओं के कौशल विकास और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर बनी सहमति
World Economic Forum : वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और इंफोसिस ग्लोबल के बीच तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और युवाओं के कौशल विकास को लेकर अहम बैठक हुई। जानिए झारखंड के डिजिटल भविष्य की पूरी कहानी।

World Economic Forum : वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के मंच पर झारखंड ने एक बार फिर वैश्विक निवेशकों और टेक्नोलॉजी दिग्गजों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से ग्लोबल आईटी कंपनी इंफोसिस, कैलिफ़ोर्निया के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (EVP) आशीष कुमार दास ने दावोस में मुलाकात की। इस अहम बैठक में झारखंड के दीर्घकालिक विकास विज़न, टेक्नोलॉजी आधारित शासन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से औद्योगिक एवं सामाजिक परिवर्तन को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक के दौरान इंफोसिस प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के कार्यों और दूरदर्शी सोच की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार जिस तरह से डिजिटल गवर्नेंस, री-स्किलिंग और तकनीक आधारित विकास को प्राथमिकता दे रही है, वह राज्य को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। खास तौर पर राज्य में “टेक्नोलॉजी टॉवर” की परिकल्पना और खनन क्षेत्र में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की योजनाओं को प्रेरणादायक बताया गया।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बैठक में स्पष्ट किया कि झारखंड की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा वर्ग है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के युवाओं को डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और उभरते तकनीकी क्षेत्रों में दक्ष बनाया जाए, ताकि वे न केवल राज्य बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा कर सकें। इसी क्रम में इंफोसिस के विंग्सपैन (Wingspan) डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं के कौशल विकास पर सहयोग की संभावनाओं पर सहमति बनी।

बैठक में यह भी तय हुआ कि खनन क्षेत्र में उत्पादकता, सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने के लिए इंफोसिस द्वारा विकसित एआई आधारित डिजिटल समाधान झारखंड में प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे न केवल खनन कार्य अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगा, बल्कि पर्यावरणीय प्रभावों को भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इस दिशा में फरवरी माह में एक वर्चुअल सत्र आयोजित करने पर भी दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी है, जिसमें इंफोसिस अपने तकनीकी समाधानों का विस्तृत प्रेजेंटेशन देगा।
तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने की पहल के तहत इंफोसिस ग्लोबल की ओर से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, मुख्य सचिव और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को इंफोसिस हाउस के भ्रमण का आमंत्रण भी दिया गया। इस भ्रमण के दौरान कंपनी द्वारा विकसित अत्याधुनिक एआई आधारित नवाचारों और डिजिटल समाधानों का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि दावोस में आईटी, एआई और डिजिटल इकोसिस्टम को लेकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की लगातार हो रही बैठकों से झारखंड को एक नई दिशा मिलेगी। यह साझेदारी राज्य में निवेश, रोजगार और नवाचार के नए अवसर पैदा करेगी। कुल मिलाकर, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हुई यह बैठक झारखंड को एक डिजिटल और तकनीकी रूप से सशक्त राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
