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Jharkhand News : भारत पर्व 2026 में झारखंड की झांकी बनेगी आकर्षण का केंद्र, दिखेगी हरियाली, वन्यजीव और आदिवासी संस्कृति

Megha Sinha
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Jharkhand News : इको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन के जरिए ‘विकसित भारत’ का संदेश देगी झारखंड की झांकी

Jharkhand News : भारत पर्व 2026 में लाल किले पर झारखंड की झांकी राज्य की हरियाली, वन्यजीव, आदिवासी संस्कृति, इको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को भव्य रूप में प्रस्तुत करेगी, जो विकसित भारत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगी।
Jharkhand News : भारत पर्व 2026 में झारखंड की झांकी बनेगी आकर्षण का केंद्र, दिखेगी हरियाली, वन्यजीव और आदिवासी संस्कृति 1

गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर लाल किले के ऐतिहासिक प्रांगण में आयोजित होने वाले भारत पर्व 2026 में झारखंड की झांकी इस वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है। झारखंड अपनी झांकी के माध्यम से राज्य की समृद्ध प्राकृतिक विरासत, घने वन क्षेत्र, बहुमूल्य जैव विविधता और आदिवासी संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगा।

इस वर्ष झांकी की थीम “स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्” और “विकसित भारत” रखी गई है। झारखंड की झांकी प्रकृति और राष्ट्रभक्ति के गहरे संबंध को दर्शाते हुए यह संदेश देगी कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास ही देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।

Jharkhand News : हरियाली और जलप्रपात होंगे मुख्य आकर्षण

झांकी में राज्य के प्रसिद्ध दसम जलप्रपात, घने साल वनों, पहाड़ियों और स्वच्छ जलस्रोतों को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा। यह प्रस्तुति झारखंड को “प्राकृतिक सौंदर्य की धरती” के रूप में स्थापित करेगी। झांकी के माध्यम से यह भी बताया जाएगा कि राज्य इको-टूरिज्म और नेचर-बेस्ड टूरिज्म के क्षेत्र में तेज़ी से उभर रहा है।

Jharkhand News : वन्यजीव और जैव विविधता का सशक्त संदेश

झांकी में एशियाई हाथी, नीलगाय जैसे प्रमुख वन्यजीवों को प्रतीकात्मक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा, जो झारखंड की समृद्ध जैव विविधता और वन संरक्षण प्रयासों का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह प्रस्तुति वन्यजीव संरक्षण और मानव-प्रकृति सहअस्तित्व के महत्व को भी उजागर करेगी।

आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक

झारखंड की पहचान उसकी आदिवासी संस्कृति है। झांकी में पारंपरिक परिधान, लोकनृत्य, वाद्य यंत्र और प्रकृति से जुड़े आदिवासी जीवन-शैली को दर्शाया जाएगा। इससे यह संदेश जाएगा कि आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति का संरक्षक रहा है और आज भी पर्यावरण संतुलन में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

इको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

भारत पर्व 2026 में झारखंड की झांकी राज्य को इको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत करेगी। ट्रैकिंग, जंगल सफारी, वाटरफॉल टूरिज्म और नेचर ट्रेल्स जैसे पर्यटन विकल्पों को बढ़ावा देने का संदेश झांकी के माध्यम से दिया जाएगा।

26 से 31 जनवरी तक चलेगा भारत पर्व

भारत पर्व 2026 का आयोजन 26 जनवरी से 31 जनवरी तक लाल किला परिसर में किया जाएगा। यह आयोजन प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए निःशुल्क खुला रहेगा। इस दौरान दर्शक विभिन्न राज्यों की झांकियों के साथ-साथ देशभर के पारंपरिक व्यंजनों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और हस्तशिल्प प्रदर्शनों का भी आनंद ले सकेंगे।

झारखंड की झांकी निश्चित रूप से राज्य को सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति-आधारित पर्यटन के आदर्श मॉडल के रूप में देश के सामने प्रस्तुत करेगी।