
Jharkhand News : कई देशों के नीति-निर्माताओं से हुई सीधी बातचीत, निवेश और सहयोग के नए रास्ते खुले
Jharkhand News : लंदन में आयोजित वैश्विक संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभिन्न देशों के नीति-निर्माताओं से झारखंड की औद्योगिक, शैक्षणिक और खनिज संभावनाओं पर चर्चा की।

Jharkhand News : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य की संभावनाओं को मजबूती से प्रस्तुत करते हुए एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि झारखंड वैश्विक निवेश, शिक्षा और तकनीकी सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है। यूनाइटेड किंगडम स्थित भारत के उच्चायोग में भारत के उच्चायुक्त श्री विक्रम दोराईस्वामी द्वारा आयोजित आधिकारिक स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री की भागीदारी को झारखंड के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अधिकारियों और विशेषज्ञों से संवाद किया। बातचीत का मुख्य उद्देश्य भारत के समग्र विकास में झारखंड की भूमिका को वैश्विक मंच पर रेखांकित करना रहा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों, युवा मानव शक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से संपन्न राज्य है। खनिज संसाधनों की दृष्टि से झारखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और अब सरकार इन संसाधनों के उत्तरदायी एवं सतत उपयोग की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास को पर्यावरणीय संतुलन और सामाजिक न्याय के साथ जोड़कर आगे बढ़ा रही है।

संवाद के दौरान झारखंड की औद्योगिक संभावनाओं, स्टार्टअप इकोसिस्टम और निवेश-अनुकूल नीतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। सरकार निवेशकों को पारदर्शी नीति, सरल प्रक्रियाएं और स्थिर प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध करा रही है।
कार्यक्रम में यूनाइटेड किंगडम के साथ सांस्कृतिक साझेदारी और विरासत संरक्षण के अवसरों पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की आदिवासी संस्कृति, कला और परंपराएं विश्व धरोहर का हिस्सा हैं और इनके संरक्षण एवं वैश्विक प्रचार के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग अहम भूमिका निभा सकता है।
इसके साथ ही उच्च शिक्षा, कौशल विकास, खेल और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग को लेकर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से झारखंड के युवाओं को विश्व-स्तरीय शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्किल डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के माध्यम से राज्य की युवा आबादी को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
यह वैश्विक संवाद यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी के व्यापक ढांचे के अनुरूप रहा, जिसमें पहले से मौजूद द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय संवाद झारखंड को वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होंगे।
कुल मिलाकर, लंदन में आयोजित यह कार्यक्रम झारखंड के लिए केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि निवेश, शिक्षा, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग के नए द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
