
Ranchi News : संचालक संस्थाओं के साथ संवाद बैठक में मंत्री ने सुनी समस्याएं, लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने का दिया आश्वासन
Ranchi News : झारखंड के कल्याण मंत्री दीपक बिरुआ ने कल्याण विभाग के विद्यालयों और अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की शीघ्र बहाली के निर्देश दिए। संवाद बैठक में संचालकों की समस्याएं सुनी गईं और लंबित भुगतान जल्द जारी करने का भरोसा दिया गया।

Ranchi News : कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विद्यालयों और अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर राज्य सरकार गंभीर नजर आ रही है। इसी क्रम में कल्याण मंत्री दीपक बिरुआ ने कल्याण कॉम्प्लेक्स में विभाग के विद्यालयों एवं ग्रामीण कल्याण अस्पतालों की संचालक संस्थाओं के साथ एक अहम संवाद बैठक की। बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विद्यालयों और अस्पतालों की मूलभूत आवश्यकताओं को बिना देरी के तुरंत बहाल किया जाए, ताकि आमजन और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मंत्री दीपक बिरुआ ने संवाद बैठक में उपस्थित प्रत्येक संचालक संस्था के प्रतिनिधि से उनकी समस्याएं विस्तार से सुनीं। संचालकों ने भवन मरम्मत, पेयजल, बिजली, छात्रावास सुविधाएं, दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों की कमी और कर्मचारियों के लंबित भुगतान जैसे मुद्दों को सामने रखा। इन समस्याओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मंत्री ने अधिकारियों को यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बिरुआ ने कहा कि कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालय और अस्पताल राज्य के आदिवासी, दलित एवं पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए जीवनरेखा के समान हैं। इन संस्थानों की मजबूती सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यालयों और ग्रामीण कल्याण अस्पतालों के लंबित भुगतान को लेकर विभागीय स्तर पर त्वरित पहल की जाएगी और आवश्यक आवंटन उपलब्ध कराया जाएगा।
मंत्री ने कल्याण विद्यालयों के शैक्षणिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्साहवर्धक परिणाम दिए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षक एवं प्रबंधन बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि छात्र-छात्राओं की संख्या में भी वृद्धि की गई है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
दीपक बिरुआ ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल संस्थानों का संचालन नहीं, बल्कि आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग के समेकित विकास के लिए समर्पित प्रयास करना है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों, संचालक संस्थाओं और समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चाहे वे मुख्यालय में कार्यरत हों या क्षेत्र में, सभी को पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
संवाद बैठक के दौरान आदिवासी कल्याण आयुक्त श्री अजय नाथ झा सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मंत्री को विभागीय योजनाओं, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना से अवगत कराया। बैठक का उद्देश्य जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं को समझकर त्वरित समाधान निकालना रहा।
अंत में मंत्री दीपक बिरुआ ने दो टूक कहा कि कल्याण विभाग की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्रतिबद्धता है। विद्यालयों और अस्पतालों की बुनियादी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समयसीमा में सुधार कार्य पूरा कराया जाएगा।
