

Koderma News : तिलैया थाना क्षेत्र के मोरियांवां गांव में रविवार शाम बड़ा हादसा, दमकल की तत्परता से टला बड़ा नुकसान
Koderma News : झारखंड के कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत मोरियांवां गांव के राणा टोला में एलपीजी सिलेंडर में अचानक आग लगने से एक मकान में भीषण आग लग गई। आगजनी की इस घटना में लाखों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

Koderma News : मोरियांवां गांव में अचानक भड़की आग
झारखंड के कोडरमा जिला अंतर्गत तिलैया थाना क्षेत्र के मोरियांवां गांव के राणा टोला में रविवार अपराह्न करीब 4:00 बजे एक मकान में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मकान मालिक संतोष राणा के घर में रखे एलपीजी सिलेंडर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं और पूरा घर धुएं और आग की चपेट में आ गया।
👩🦰 पीड़िता ने बताई घटना की पूरी कहानी
मामले की जानकारी देते हुए संतोष राणा की पत्नी रजनी देवी ने बताया कि वे सभी लोग घर पर मौजूद थे। उसी दौरान सिलेंडर में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
रजनी देवी के अनुसार, “आग किस कारण से लगी यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन जिस तरह से लपटें उठीं उससे घर के अंदर रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया होगा। जब तक अंदर जाकर स्थिति नहीं देखी जाती, तब तक सटीक नुकसान का आकलन संभव नहीं है।”

🚒 दमकल की तत्परता से टला बड़ा हादसा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने अग्निशमन विभाग को खबर दी। कुछ ही देर में दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
गौरतलब है कि संतोष राणा के घर से सटे दो अन्य मकानों में भी आग का असर दिखाई देने लगा था और वहां धुआं उठ रहा था। हालांकि समय रहते दमकल के पहुंचने से अन्य घरों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया।
यदि दमकल की टीम समय पर नहीं पहुंचती, तो यह आग पूरे टोले में फैल सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था।
👨👩👧👦 पांच भाइयों का संयुक्त परिवार रहता है मकान में
स्थानीय निवासी बलराम यादव ने बताया कि इस मकान में संतोष राणा सहित पांच भाई अपने पूरे परिवार के साथ एक साथ रहते हैं। घर में बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद थे, लेकिन सौभाग्यवश इस हादसे में किसी व्यक्ति को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा है।
हालांकि घरेलू सामान, फर्नीचर, कपड़े और अन्य जरूरी वस्तुओं के जल जाने की संभावना जताई जा रही है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है।
⚠️ जांच के बाद स्पष्ट होगा नुकसान
फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन घर के अंदर पूरी तरह से सुरक्षित प्रवेश के बाद ही वास्तविक नुकसान का आंकलन किया जा सकेगा। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जानकारी ली जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे दोबारा अपने जीवन को पटरी पर ला सकें।
🔎 बढ़ते अग्निकांड और सुरक्षा पर सवाल
गांवों में एलपीजी सिलेंडर के उपयोग के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर इस तरह की घटनाओं को जन्म देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर सिलेंडर, रेगुलेटर और पाइप की जांच जरूरी है, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।