

गिरिडीह में 20 फरवरी को होगा भव्य आयोजन, उपायुक्त ने CM Hemant Soren को सौंपा औपचारिक निमंत्रण
कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में गिरिडीह उपायुक्त ने मुख्यमंत्री Hemant Soren से मुलाकात कर “मरांग बुरू जुग जाहेर बाहा बोंगा 2026” समारोह में मुख्य अतिथि बनने का आमंत्रण दिया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया।

रांची। झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी परंपराओं से जुड़े महत्वपूर्ण आयोजन “मरांग बुरू जुग जाहेर बाहा बोंगा 2026” को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में Hemant Soren को इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
कांके रोड, रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज गिरिडीह जिले के उपायुक्त रामनिवास यादव ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने 20 फरवरी 2026 को गिरिडीह में आयोजित होने वाले “मरांग बुरू जुग जाहेर बाहा बोंगा 2026” समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण सौंपा।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में शामिल होने की अपनी पूर्ण सहमति प्रदान की। साथ ही उन्होंने गिरिडीह जिले के लोगों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता और पारंपरिक पहचान को सशक्त करते हैं।
आदिवासी आस्था और परंपरा का प्रतीक है यह पर्व
“मरांग बुरू जुग जाहेर बाहा बोंगा” झारखंड की आदिवासी परंपरा में विशेष महत्व रखता है। यह आयोजन प्रकृति, जल, जंगल और जमीन के प्रति आस्था और सम्मान को दर्शाता है। मरांग बुरू को आदिवासी समाज में सर्वोच्च देवता के रूप में पूजा जाता है। इस अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों, सांस्कृतिक नृत्य, लोकगीत और सामुदायिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है।
गिरिडीह में होने वाला यह समारोह न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक माना जाता है। आयोजन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से हजारों की संख्या में लोग भाग लेने की संभावना है।
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
उपायुक्त रामनिवास यादव ने मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और मूलभूत सुविधाओं को लेकर विशेष योजना तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने भी प्रशासन को निर्देश दिया कि कार्यक्रम के दौरान आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और पारंपरिक स्वरूप को पूरी गरिमा के साथ संरक्षित रखा जाए।
गिरिडीहवासियों में उत्साह
मुख्यमंत्री द्वारा आमंत्रण स्वीकार किए जाने की खबर से गिरिडीह जिले में उत्साह का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इसे जिले के लिए गौरव का विषय बताया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ेगी तथा राज्य स्तर पर इस सांस्कृतिक आयोजन को नई पहचान मिलेगी।
झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस कार्यक्रम को लेकर विस्तृत तैयारियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सूची भी जारी की जाएगी।