

Koderma News : बेंदी गांव की महिलाओं का संकल्प: ‘जंगल बचाओ, पर्यावरण बचाओ’ से गूंजा चंदवारा
Koderma News : कोडरमा जिले के चंदवारा प्रखंड अंतर्गत बेंदी गांव में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं ने जंगल में पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीएफओ सौमित्र शुक्ला शामिल हुए और ग्रामीणों के प्रयासों की सराहना की।

Koderma News : प्रकृति पूजा से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कोडरमा जिले के चंदवारा प्रखंड के बेंदी गांव में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामीण महिलाओं ने विधि-विधान से प्रकृति पूजा-अर्चना के साथ की। जंगल के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पेड़ों की पूजा की गई, जिसके बाद सैकड़ों महिलाओं ने पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें संरक्षित रखने का वचन लिया।
पूरा वातावरण “जंगल बचाओ, पर्यावरण बचाओ” के नारों से गूंज उठा। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को भावनात्मक और प्रभावशाली रूप दिया।
Koderma News : 14 वर्षों से जारी है जंगल बचाने का अभियान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कोडरमा के डीएफओ सौमित्र शुक्ला ने ग्रामीणों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बेंदी गांव के लोग पिछले 14 वर्षों से जंगल संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
उन्होंने कहा कि पेड़ केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जीवनदायिनी हैं। स्वच्छ हवा, जलवायु संतुलन और जैव विविधता के संरक्षण में पेड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
डीएफओ ने यह भी बताया कि आधुनिकीकरण और बढ़ते प्रदूषण के दौर में पेड़ लगाना और मौजूदा पेड़ों की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
Koderma News : महुआ चुनने के दौरान आग की समस्या पर चिंता
सौमित्र शुक्ला ने जंगलों में लगने वाली आग की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि महुआ चुनने के लिए कुछ लोग जंगल में आग लगा देते हैं, जिससे व्यापक नुकसान होता है।
वन विभाग अब महुआ पेड़ों की मैपिंग कर समाधान निकालने की योजना बना रहा है, ताकि जंगल में आग लगने की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके। इसके साथ ही ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
Koderma News : 50 हेक्टेयर क्षेत्र में संरक्षण का प्रयास
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी कृष्णा सिंह घटवार ने बताया कि बेंदी गांव के ग्रामीण लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में जंगल बचाने का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन का सहयोग मिला तो इस पहल को पूरे जिले में एक व्यापक अभियान के रूप में फैलाया जाएगा। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयास से ही पर्यावरण संरक्षण संभव है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि जंगल बचेगा तो पर्यावरण बचेगा, और तभी स्वच्छ व शुद्ध हवा मिल पाएगी।
महिलाओं की भागीदारी बनी प्रेरणा
इस कार्यक्रम में मुखिया दुलारी देवी, मुखिया प्रतिनिधि वजीर, लाल सिंह, नारायण सिंह, अशोक सिंह, रमन यादव, गोपी अगेरी, लच्छू सिंह, गोपाल सिंह, कपिल सिंह, नरेश सिंह और मुकेश अगेरिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे।
विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भूमिका ने इस पहल को एक सामाजिक आंदोलन का रूप दे दिया। पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ने का संदेश दिया।
राज्य के लिए प्रेरणादायक उदाहरण
बेंदी गांव की यह पहल न केवल कोडरमा जिले बल्कि पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है। यदि हर गांव इसी तरह जंगलों की रक्षा का संकल्प ले, तो पर्यावरण प्रदूषण और जंगलों में आग जैसी समस्याओं पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। बेंदी की महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि सामूहिक संकल्प से बड़ा बदलाव संभव है।