

Jharkhand News : रांची में हुई उच्चस्तरीय बैठक, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर विशेष जोर
Jharkhand News : झारखंड में औद्योगिक निवेश को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री Hemant Soren और N. Chandrasekaran, चेयरमैन, Tata Group के बीच राज्य में संभावित निवेश को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक राज्य के औद्योगिक भविष्य और आर्थिक विकास के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, Tata Steel के प्रबंध निदेशक श्री टी.वी. नरेंद्रन, कॉरपोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष श्री डी.बी. सुंदरा रामम तथा रांची के चीफ रेजिडेंट एक्जीक्यूटिव श्री संजय मोहन श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड में उद्योग, बुनियादी ढांचा, ऊर्जा, कौशल विकास और रोजगार सृजन के संभावित अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और यहां निवेश के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव सहयोग और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करना है।
टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने झारखंड में निवेश की संभावनाओं पर सकारात्मक रुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टाटा समूह का झारखंड से ऐतिहासिक और भावनात्मक संबंध रहा है, और समूह राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए तत्पर है। बैठक में विशेष रूप से स्टील, खनन, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी आधारित परियोजनाओं पर चर्चा की गई।

सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार और टाटा समूह के बीच औद्योगिक विस्तार, नई परियोजनाओं की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के आधुनिकीकरण को लेकर कई बिंदुओं पर सहमति बनी है। इससे आने वाले समय में झारखंड में निवेश का माहौल और मजबूत होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उद्योगों के साथ संतुलित विकास की नीति अपनाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी को भी प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह निवेश प्रस्ताव साकार होता है, तो झारखंड में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और राज्य की औद्योगिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) का विस्तार होगा।

राज्य सरकार जल्द ही इस दिशा में आगे की औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करेगी। यह बैठक झारखंड को निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा संकेत मानी जा रही है।