

Koderma Gas Crisis : गैस की भारी किल्लत से नाराज़ उपभोक्ताओं ने किया सड़क जाम, केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली और कालाबाजारी के आरोप
Koderma Gas Crisis : झारखंड के कोडरमा जिले के मरकच्चो में गैस की कमी से परेशान लोगों ने सड़क जाम कर दिया। उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी पर अवैध वसूली और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए। पुलिस के आश्वासन के बाद जाम हटाया गया।
झारखंड के कोडरमा जिले के मरकच्चो में गैस की कमी से परेशान लोगों ने सड़क जाम कर दिया। उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी पर अवैध वसूली और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए। पुलिस के आश्वासन के बाद जाम हटाया गया।

झारखंड के कोडरमा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां गैस की किल्लत से परेशान उपभोक्ताओं का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। मरकच्चो थाना क्षेत्र में लोगों ने खाली गैस सिलेंडर सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। इस अचानक हुए प्रदर्शन से करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
यह पूरा मामला मरकच्चो-बरवाडीह मुख्य मार्ग का है, जहां पिछले एक महीने से गैस की भारी कमी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे सुबह से ही गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतार में खड़े रहते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल पाती। कई बार तो उन्हें खाली हाथ ही घर लौटना पड़ता है।
स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई परिवारों को मजबूरन लकड़ी के चूल्हे या इंडक्शन चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, जहां बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण इंडक्शन का इस्तेमाल भी हर समय संभव नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी पर कई गंभीर आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि केवाईसी के नाम पर उनसे 200 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। इसके अलावा कुछ उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिना गैस दिए ही उनके मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज भेज दिया जाता है, जिससे कालाबाजारी की आशंका और गहरा जाती है।
जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान करीब एक घंटे तक पुलिस, उपभोक्ताओं और गैस एजेंसी कर्मियों के बीच तीखी बहस भी हुई।

हालांकि, काफी समझाने-बुझाने और गैस की नियमित आपूर्ति का आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने जाम हटा लिया। इसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो पाया, लेकिन तब तक कई लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आम लोगों को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए कब तक इस तरह सड़क पर उतरना पड़ेगा। गैस जैसी जरूरी सुविधा की कमी ने लोगों का धैर्य तोड़ दिया है और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों की मांग है कि गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और एजेंसी की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच हो। साथ ही अवैध वसूली और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
फिलहाल स्थिति सामान्य जरूर हो गई है, लेकिन अगर जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में ऐसे प्रदर्शन और भी उग्र रूप ले सकते हैं।