24 अप्रैल 2026 को रांची के टाना भगत स्टेडियम में आयोजित होगा “मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन”, दक्षिणी छोटा नागपुर के पंचायत प्रतिनिधि समेत CM Hemant Soren होंगे शामिल
झारखंड के CM Hemant Soren को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर रांची में आयोजित होने वाले पंचायत सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह कार्यक्रम पंचायत सशक्तिकरण और उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार मुलाकात हुई, जहां झारखंड की पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने को लेकर बड़ी पहल सामने आई। इस दौरान पंचायती राज विभाग, झारखंड की निदेशक श्रीमती बी. राजेश्वरी ने CM Hemant Soren से मुलाकात कर उन्हें एक अहम कार्यक्रम के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया।
यह निमंत्रण आगामी 24 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले “मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन 2026” के लिए दिया गया है। यह भव्य आयोजन रांची के प्रसिद्ध Tana Bhagat Stadium में आयोजित किया जाएगा, जहां दक्षिणी छोटा नागपुर प्रमंडल के पंचायत प्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिलेगी।
इस मुलाकात के दौरान बी. राजेश्वरी ने मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा, इसकी तैयारियों और इसके उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर काम कर रहे जनप्रतिनिधियों के योगदान को पहचान देने और उन्हें प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
कार्यक्रम में दक्षिणी छोटा नागपुर प्रमंडल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें मुखिया, पंचायत सचिव, पंचायत समिति के प्रमुख, जिला परिषद अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे। इस आयोजन के माध्यम से पंचायतों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित किया जाएगा, जिससे अन्य पंचायतों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस हर वर्ष 24 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन भारत में पंचायती राज प्रणाली के महत्व और उसकी मजबूती को दर्शाने के लिए समर्पित है। वर्ष 1993 में 73वें संविधान संशोधन के लागू होने के बाद देश में पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा मिला, जिसके बाद से ग्रामीण स्वशासन को मजबूती मिली है।
झारखंड सरकार भी पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इस तरह के सम्मेलन और पुरस्कार समारोह पंचायत प्रतिनिधियों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। इससे ग्रामीण विकास की गति तेज होती है और स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी तरीके से संभव हो पाता है।
CM Hemant Soren को इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आग्रह किया गया है। यदि वे इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो यह पंचायत प्रतिनिधियों के लिए एक बड़ा उत्साहवर्धन होगा। उनके संबोधन से पंचायत स्तर पर काम कर रहे प्रतिनिधियों को नई दिशा और प्रेरणा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत स्तर पर मजबूत नेतृत्व और सक्रिय भागीदारी से ही ग्रामीण विकास के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। ऐसे में इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल सम्मान देने का माध्यम होते हैं, बल्कि यह एक संवाद का मंच भी बनते हैं, जहां प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा कर सकते हैं और नई योजनाओं पर चर्चा कर सकते हैं।
कार्यक्रम के आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। सुरक्षा, यातायात और अन्य सुविधाओं को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर, “मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन 2026” न केवल एक सम्मान समारोह है, बल्कि यह झारखंड में पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह आयोजन राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाओं को जन्म देगा और पंचायत प्रतिनिधियों को नई ऊर्जा के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।

