Jharkhand News : इन्फ्लुएंसर एंगेजमेंट पोर्टल लॉन्च, डिजिटल पर्यटन प्रचार को मिली नई दिशा
Jharkhand News : रांची के पतरातू स्थित पर्यटन विहार में आयोजित ‘राज्य स्तरीय इन्फ्लुएंसर मीट 2026’ में झारखंड सरकार ने डिजिटल माध्यमों से पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने इन्फ्लुएंसर एंगेजमेंट पोर्टल का शुभारंभ किया और राज्य के स्थानीय कंटेंट क्रिएटर्स को झारखंड की संस्कृति, पर्यटन और विरासत को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का आह्वान किया।

झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा सोमवार को पतरातू स्थित होटल पर्यटन विहार में ‘राज्य स्तरीय इन्फ्लुएंसर मीट 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों और स्थानीय खानपान को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना था।
कार्यक्रम में झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि झारखंड की असली पहचान उसकी सादगी, संस्कृति और लोकजीवन में बसती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती तो बड़े महानगरों के नामी सोशल मीडिया क्रिएटर्स को बुलाकर प्रचार करा सकती थी, लेकिन झारखंड की आत्मा को सबसे बेहतर तरीके से राज्य के अपने युवा इन्फ्लुएंसर्स ही दुनिया के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि जब भी कोई युवा कंटेंट क्रिएटर किसी पर्यटन स्थल पर वीडियो, ब्लॉग या डिजिटल कंटेंट बनाए, तो वह गर्व से कह सके कि वह झारखंड पर्यटन विभाग के साथ जुड़ा हुआ है। इससे न केवल राज्य की ब्रांडिंग मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को भी रोजगार और पहचान के नए अवसर प्राप्त होंगे।

इन्फ्लुएंसर एंगेजमेंट पोर्टल का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन मंत्री द्वारा ‘इन्फ्लुएंसर एंगेजमेंट पोर्टल’ का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह पोर्टल राज्य के कंटेंट क्रिएटर्स, ट्रैवल ब्लॉगर्स, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को पर्यटन विभाग से सीधे जोड़ने का माध्यम बनेगा।
इस पोर्टल के जरिए इन्फ्लुएंसर्स को झारखंड के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर जाकर डिजिटल कंटेंट निर्माण करने का अवसर मिलेगा। साथ ही विभाग और क्रिएटर्स के बीच एक संगठित एवं मजबूत साझेदारी स्थापित होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल आने वाले समय में झारखंड पर्यटन को डिजिटल दुनिया में नई ऊंचाई देने का काम करेगी। आज के दौर में सोशल मीडिया पर्यटन प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है और ऐसे में यह पहल राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

80 से अधिक इन्फ्लुएंसर्स ने लिया हिस्सा
इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए 80 से अधिक प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में ट्रैवल कंटेंट, डिजिटल स्टोरीटेलिंग, वीडियो निर्माण, सोशल मीडिया रणनीति और पर्यटन प्रचार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इन्फ्लुएंसर्स ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि झारखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि कैसे झारखंड के झरने, पहाड़, जंगल, धार्मिक स्थल, आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक खानपान को आकर्षक डिजिटल कंटेंट के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सकता है।

झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की पहल
कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवाद सत्र में पर्यटन प्रचार को आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया से जोड़ने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल पर्यटन बढ़ाना नहीं, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विजन और पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक नई शुरुआत माना जा रहा है।
इस अवसर पर विभागीय सचिव मुकेश कुमार, झारखंड पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक प्रेम रंजन, महाप्रबंधक राजीव रंजन सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह के प्रयास लगातार जारी रहे, तो आने वाले वर्षों में झारखंड देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।

