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Arka Jain University
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Arka Jain University के बाहर छात्रों के दो गुटों में हिंसक झड़प, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

Megha Sinha
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Arka Jain University के फेरवेल पार्टी की खुशियां बदलीं तनाव में, कार ओवरटेक विवाद के बाद सड़क पर चले लात-घूंसे और डंडे

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले स्थित Arka Jain University के बाहर फेरवेल समारोह के बाद छात्रों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। पॉलिटेक्निक और बीबीए विभाग के छात्रों के बीच कार ओवरटेक को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें युवक सड़क पर खुलेआम एक-दूसरे पर हमला करते नजर आ रहे हैं। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है।

सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र में स्थित Arka Jain University एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह कोई शैक्षणिक उपलब्धि नहीं बल्कि छात्रों के बीच हुई हिंसक झड़प है। यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के बाहर आयोजित फेरवेल समारोह के बाद छात्रों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

घटना 15 मई की शाम की बताई जा रही है। यूनिवर्सिटी परिसर में पास आउट छात्रों के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद छात्र अपनी-अपनी कारों से परिसर से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान मुख्य गेट के पास कार ओवरटेक करने को लेकर दो गुटों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही मिनटों में विवाद इतना बढ़ गया कि सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।


पॉलिटेक्निक और बीबीए छात्रों के बीच हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, झगड़ा पॉलिटेक्निक विभाग और बीबीए विभाग के छात्रों के बीच हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों गुटों के बीच पहले से भी कुछ पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी कारण मामूली विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक सड़क पर एक-दूसरे को दौड़ा-दौड़ाकर पीट रहे हैं। कई छात्र कारों से उतरकर लात-घूंसे और डंडों से हमला करते नजर आए। घटना के दौरान वहां मौजूद अन्य छात्र और स्थानीय लोग भयभीत हो गए। कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश भी की, लेकिन स्थिति काफी देर तक तनावपूर्ण बनी रही।


युवक ने निकाली लाइटर पिस्टल, दहशत का माहौल

घटना के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब शुभम नामक युवक ने अपनी जेब से लाइटर पिस्टल निकाल ली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह हथियार देखने में बिल्कुल असली पिस्टल जैसा लग रहा था। आरोप है कि युवक ने उसी लाइटर पिस्टल के बट से विरोधी गुट की कार का शीशा तोड़ दिया।

लाइटर पिस्टल निकलते ही वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। कई छात्र मौके से भागने लगे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवक एक-दूसरे को धमकाते और आक्रामक तरीके से व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।


सड़क पर जुटी भीड़, पुलिस जांच में जुटी

मारपीट की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घटना स्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती, तब तक अधिकांश छात्र वहां से निकल चुके थे।

फिलहाल गम्हरिया थाना पुलिस वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों के बयान के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि झड़प में शामिल छात्र कौन थे और घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस वायरल वीडियो की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की संभावना भी जताई जा रही है। वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया

घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने छात्रों के हिंसक व्यवहार की आलोचना करते हुए शिक्षण संस्थानों में बढ़ती असहिष्णुता और अनुशासनहीनता पर चिंता जताई है।

कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि यदि यूनिवर्सिटी परिसर के बाहर इस तरह खुलेआम मारपीट हो सकती है, तो छात्रों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। वहीं कई लोगों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।


शिक्षा संस्थानों में बढ़ रही हिंसक घटनाएं चिंता का विषय

यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि आखिर शिक्षण संस्थानों में छात्रों के बीच हिंसक प्रवृत्ति क्यों बढ़ रही है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद का हिंसा में बदल जाना समाज और शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों के बीच संवाद, अनुशासन और मानसिक संतुलन को लेकर गंभीर प्रयास किए जाने की जरूरत है। साथ ही यूनिवर्सिटी प्रशासन को भी सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।