Jharkhand News : दावोस यात्रा और निवेश संभावनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने दिया बड़ा संदेश, CII ने झारखंड सरकार के प्रयासों की सराहना की
Jharkhand News : Hemant Soren ने मंगलवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री यानी Confederation of Indian Industry झारखंड के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास, निवेश को बढ़ावा देने और इंडस्ट्रियल पॉलिसी को और मजबूत बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष दिलू पारिख, टाटा स्टील कॉरपोरेट सर्विस के उपाध्यक्ष डी.बी. सुंदर रमन, सीआईआई ईस्टर्न रीजन के रीजनल डायरेक्टर देव ज्योति और सीआईआई झारखंड हेड प्रभात कुमार शामिल थे। बैठक के दौरान राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करने, उद्योगों को प्रोत्साहन देने और नई कार्य योजनाओं पर गंभीर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों, मानव संसाधन और औद्योगिक संभावनाओं से भरपूर राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार ऐसी नीतियां तैयार कर रही है, जिससे उद्योगों को बेहतर वातावरण मिले और रोजगार के नए अवसर पैदा हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश लाना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आर्थिक विकास सुनिश्चित करना भी है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच 2026 में झारखंड सरकार की भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर झारखंड ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि राज्य निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस में कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और निवेशकों ने झारखंड में रुचि दिखाई है, जो आने वाले समय में राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा।

सीआईआई प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा और झारखंड को मिले मजबूत इन्वेस्टमेंट इंटेंशन के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य सरकार की सकारात्मक नीतियों और उद्योग हितैषी फैसलों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने झारखंड को देश के उभरते हुए इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार के प्रयासों की सराहना की।
बैठक में सीआईआई के प्रतिनिधियों ने झारखंड की इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत और सरकार के बीच बेहतर समन्वय से राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास की गति तेज हो सकती है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष यह इच्छा जताई कि सीआईआई राज्य सरकार के साथ मिलकर नीति निर्माण और औद्योगिक विकास की प्रक्रिया में नॉलेज पार्टनर तथा इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में काम करना चाहता है।
मुख्यमंत्री ने भी इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार उद्योग संगठनों के सुझावों को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार पारदर्शी और विकासोन्मुखी नीतियों के जरिए राज्य को औद्योगिक क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि झारखंड देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल हो और यहां के युवाओं को अपने राज्य में ही बेहतर अवसर मिल सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और उद्योग संगठनों के बीच इस तरह का संवाद राज्य के आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होता है और नई परियोजनाओं को गति मिलती है। आने वाले समय में झारखंड में मैन्युफैक्चरिंग, स्टील, खनन, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में बड़े निवेश की संभावना जताई जा रही है।
राज्य सरकार और उद्योग जगत के बीच बढ़ता तालमेल यह संकेत देता है कि झारखंड आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।

