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Jharkhand Education : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आवासीय विद्यालयों, ई-साइकिल योजना और कौशल विकास पर दिए बड़े निर्देश

Megha Sinha

Jharkhand Education : शैक्षणिक माहौल सुधारने, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण को मजबूत करने पर सरकार का फोकस, योजनाओं की समयबद्ध मॉनिटरिंग के निर्देश

Jharkhand Education ; रांची में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों, छात्रवृत्ति योजनाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ई-साइकिल वितरण योजना, रोजगार सृजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

रांची: झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, छात्र कल्याण कार्यक्रमों, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार सृजन और सामाजिक विकास से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध और परिणामोन्मुख होना चाहिए ताकि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

आवासीय और एकलव्य विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने राज्य के अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों और आदिवासी छात्रावासों की समीक्षा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और आवासीय सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।

गढ़वा, देवघर और साहिबगंज जिलों में बने अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की स्थिति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संस्थानों को केवल भवन तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि इन्हें उत्कृष्ट शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

निर्माणाधीन छात्रावासों और आदिवासी हॉस्टलों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

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ई-साइकिल योजना को लेकर नई तैयारी

साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक साइकिल की जगह विद्यार्थियों को ई-साइकिल उपलब्ध कराने की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

ई-साइकिल योजना को लागू करने के लिए कल्याण विभाग, स्कूली शिक्षा विभाग और उद्योग विभाग के बीच समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री का मानना है कि यह पहल विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षा तक उनकी पहुंच आसान बनाने में मददगार होगी।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना पर विशेष फोकस

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधा संवाद किया। उन्होंने लाभुकों से ऋण प्रक्रिया, व्यवसाय संचालन, आय और रोजगार सृजन से जुड़े अनुभवों की जानकारी ली।

लाभुकों ने बताया कि योजना ने उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने में मदद की है और अब वे अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन और लाभुकों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही लाभुकों की समस्याओं के समाधान और नियमित फीडबैक के लिए कॉल सेंटर स्थापित करने का निर्देश भी दिया गया।

विद्यार्थियों को SIR और जनगणना के प्रति किया जाएगा जागरूक

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम चलाकर विद्यार्थियों को एस.आई.आर. (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और जनगणना से संबंधित जानकारी दी जाए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी समाज में सूचना वाहक की भूमिका निभा सकते हैं और अपने परिवारों तथा समुदायों को भी इन महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक कर सकते हैं। इसके लिए कार्यशालाएं, जागरूकता अभियान और विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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कौशल विकास कार्यक्रमों को बनाया जाएगा रोजगारोन्मुख

युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं बल्कि बाजार की जरूरतों के अनुरूप होने चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिया कि स्थानीय उद्योगों और रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए जाएं, ताकि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को सीधे रोजगार या स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।

जिला अस्पतालों में बनेगी विशेष हेल्प डेस्क

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि रिम्स सहित सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं।

इन हेल्प डेस्क पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि मरीजों को पंजीकरण, जांच और उपचार प्रक्रिया में सहायता मिल सके। सरकार का मानना है कि इससे जरूरतमंद और वंचित वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच मिलेगी।

सामाजिक-सांस्कृतिक संरचनाओं को भी मिलेगा बढ़ावा

बैठक में कब्रिस्तान घेराबंदी, मांझी, परगना, पड़हा, मानकी-मुंडा और धुमकुड़िया भवनों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह और विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।