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Hemant Soren News: योजना एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दिए तेज कार्यान्वयन के निर्देश

Megha Sinha

Hemant Soren News : विभिन्न योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, बजटीय खर्च बढ़ाने और नवाचारी योजनाओं को बढ़ावा देने पर मुख्यमंत्री का जोर, 10 वर्षों के विजन डॉक्यूमेंट पर भी चर्चा

Hemant Soren News : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को योजनाओं के तेज कार्यान्वयन, नवाचारी योजनाओं को बढ़ावा देने और वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निर्देश दिए। बैठक में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट, बजटीय खर्च और 10 वर्षों के विकास विजन पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने योजना एवं विकास विभाग की प्रगति की समीक्षा, योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में योजना एवं विकास विभाग के अद्यतन कार्यों और योजनाओं की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, बजटीय प्रावधानों और परियोजनाओं के कार्यान्वयन को तेज किया जाए, ताकि तय समयसीमा के भीतर लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर वर्तमान वित्तीय वर्ष और आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर मुख्यमंत्री का जोर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी और समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों की गति बढ़ाने के लिए विभागों के बीच तालमेल और जवाबदेही की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने योजनाओं के परिणाम आधारित मूल्यांकन पर भी बल दिया।

Innovative Schemes को मिलेगा बढ़ावा

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इन्नोवेटिव स्कीम्स यानी नवाचारी योजनाओं पर फोकस करने को कहा। इस दौरान विभागीय सचिव ने जानकारी दी कि Innovative Schemes के लिए निर्धारित राशि 2 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

सरकार का मानना है कि नई और प्रभावी योजनाओं के जरिए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास को नई गति दी जा सकती है। इस कदम से स्थानीय जरूरतों के अनुसार परियोजनाओं को लागू करने में मदद मिलेगी।

One District One Project योजना पर बनी कार्ययोजना

बैठक में “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट” मॉडल को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक जिले की विशेष आवश्यकताओं और संभावनाओं के अनुसार परियोजनाओं के चयन की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

इस पहल का उद्देश्य जिलों की स्थानीय पहचान और संसाधनों के अनुरूप विकास मॉडल तैयार करना है, जिससे क्षेत्रीय असमानताओं को कम किया जा सके।

पुरानी योजनाओं की समीक्षा और वित्तीय अनुशासन पर चर्चा

समीक्षा बैठक में पिछले पांच वर्षों से चल रही योजनाओं की समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें बंद करने या सुधार करने के सुझाव भी सामने आए। अधिकारियों ने कहा कि जिन योजनाओं का प्रभाव सीमित रहा है, उन्हें नए दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।

इसके साथ ही CSS (Centrally Sponsored Schemes) योजनाओं की मॉनिटरिंग और सपोर्ट के लिए पीएमयू (Project Management Unit) बनाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कम से कम 75 प्रतिशत बजट खर्च सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।

बैठक में उन विभागों की समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया, जिनका खर्च 60 प्रतिशत से कम रहा है। सरकार का उद्देश्य वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।

10 वर्षों के विकास विजन डॉक्यूमेंट की तैयारी पर जोर

बैठक में अगले 10 वर्षों के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने का सुझाव भी सामने आया। इस दस्तावेज के जरिए झारखंड के दीर्घकालिक विकास, बुनियादी ढांचे, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जा सकता है।

सरकार का मानना है कि दीर्घकालिक योजना के जरिए राज्य को विकास के नए आयाम तक पहुंचाया जा सकता है।

बैठक में योजना एवं विकास विभाग के मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव मुकेश कुमार, अपर सचिव विजया जाधव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।