Shravan Mela : 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले श्रावण मास को लेकर उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक, सभी विभागों को समय सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने का निर्देश
Shravan Mela : रांची पहाड़ी मंदिर में श्रावण माह 2026 के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

श्रावण माह 2026 के सफल संचालन को लेकर प्रशासन की बड़ी तैयारी
रांची के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर में आयोजित होने वाले श्रावण मेले 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सोमवार को समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात व्यवस्था तथा मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी रांची सदर कुमार रजत, नजारत उपसमाहर्ता सुदेश कुमार, सिविल सर्जन प्रभात कुमार, पहाड़ी मंदिर विकास समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
30 जुलाई से शुरू होगा श्रावण मास
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष श्रावण माह 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान 3, 10, 17 और 24 अगस्त को सोमवार पड़ने के कारण श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए उपायुक्त ने सभी विभागों को पूर्व तैयारी पूरी करने और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट किया कि श्रावण मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने अग्निशमन व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, चलंत शौचालय, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
नगर निगम के नोडल पदाधिकारी को सभी कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए तय समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।

नाग पंचमी और सोमवार को तैनात रहेगी मेडिकल टीम
स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि नाग पंचमी, पूर्णिमा तथा प्रत्येक सोमवार को मेडिकल टीम पूरी तैयारी के साथ मौजूद रहे। मेडिकल टीम के पास आवश्यक दवाइयां, स्ट्रेचर और प्राथमिक उपचार की सभी सुविधाएं उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस
श्रावण मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने तथा भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और मेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति इस प्रकार की जाए कि उनकी ड्यूटी में कम से कम एक घंटे का ओवरलैप रहे। इससे किसी भी समय व्यवस्था में कमी नहीं आएगी और आपात स्थिति से बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा।
बिजली विभाग के कर्मियों की रहेगी 24 घंटे तैनाती
बैठक में बिजली व्यवस्था की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने गर्भगृह तक निर्बाध और सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का लीकेज, शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी नहीं होनी चाहिए।
इसके लिए विद्युत विभाग को आयोजन शुरू होने से एक सप्ताह पहले सुरक्षा प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया है। साथ ही पूरे श्रावण मेले के दौरान बिजली विभाग के कर्मियों की चौबीसों घंटे प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

सड़कों और ड्रेनेज व्यवस्था में होगा सुधार
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नामकुम स्थित स्वर्णरेखा नदी के समीप सर्विस रोड की मरम्मत तथा पहाड़ी मंदिर के आसपास के अप्रोच रोड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। पथ निर्माण विभाग को इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है।
इसके अलावा जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और खुली नालियों को ढंकने का निर्देश भी दिया गया, ताकि बरसात के मौसम में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
बैठक में मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं के आवागमन मार्गों पर साफ-सफाई बनाए रखने, अतिक्रमण हटाने तथा प्लास्टिक थैलियों के उपयोग को हतोत्साहित करने पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने लोगों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का निर्णय लिया है।
वॉकी-टॉकी खरीदने का निर्णय
आयोजन के दौरान विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए एक सेट वॉकी-टॉकी खरीदने का भी निर्णय लिया गया। इससे सुरक्षा एवं प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के बीच त्वरित संचार संभव हो सकेगा।
मंदिर समिति के वित्तीय मामलों की भी हुई समीक्षा
बैठक में पहाड़ी मंदिर विकास समिति के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पिछले एक वर्ष के बैंक लेन-देन का विवरण प्राप्त करने के बाद संबंधित बैंक खाते को बंद करने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समय पर पूरी होंगी सभी तैयारियां
बैठक के अंत में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रावण मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

