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Giridih News : हाफ पैंट और नंगे पांव निगम कार्यालय पहुंचे नगर आयुक्त बिजय सिंह बिरुआ, कर्मचारियों में मचा हड़कंप

Megha Sinha

Giridih News : मॉर्निंग वॉक से सीधे पहुंचे निगम कार्यालय, सीढ़ियों पर बैठकर लिया व्यवस्था का जायजा, खुद झाड़ू उठाकर सफाईकर्मियों को दिया प्रशिक्षण

Giridih News : गिरिडीह नगर निगम के नए नगर आयुक्त बिजय सिंह बिरुआ का अनोखा और जमीनी कार्यशैली वाला अंदाज चर्चा का विषय बन गया है। मंगलवार सुबह वह हाफ पैंट और नंगे पांव निगम कार्यालय पहुंचे और सीढ़ियों पर बैठकर कर्मचारियों की कार्यशैली का निरीक्षण किया। उन्होंने सफाई व्यवस्था, फायर सेफ्टी और मुहर्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए लापरवाह कर्मचारियों को फटकार लगाई।

गिरिडीह नगर निगम में मंगलवार की सुबह कुछ अलग ही थी। आमतौर पर सरकारी दफ्तरों में अधिकारी चमचमाती गाड़ियों से पहुंचते हैं, उनके स्वागत में कर्मचारी खड़े रहते हैं और वे सीधे अपने वातानुकूलित कक्ष में जाकर बैठ जाते हैं। लेकिन गिरिडीह नगर निगम के नए नगर आयुक्त बिजय सिंह बिरुआ ने इस पारंपरिक छवि को पूरी तरह बदल दिया।

मंगलवार सुबह निगम कार्यालय पहुंचने वाले कर्मचारियों को उस समय बड़ा आश्चर्य हुआ, जब उन्होंने मुख्य गेट की सीढ़ियों पर एक साधारण व्यक्ति को बैठे देखा। वह व्यक्ति हाफ पैंट पहने हुए था और उसके पैरों में चप्पल तक नहीं थी। कुछ देर तक कर्मचारी उसे पहचान नहीं पाए, लेकिन जब गौर से देखा तो सभी हैरान रह गए। सीढ़ियों पर बैठे वह शख्स कोई और नहीं बल्कि खुद नगर आयुक्त बिजय सिंह बिरुआ थे।

मॉर्निंग वॉक से सीधे पहुंचे कार्यालय

जानकारी के अनुसार नगर आयुक्त बिजय सिंह बिरुआ सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान उन्होंने अचानक नगर निगम कार्यालय का निरीक्षण करने का निर्णय लिया। बिना किसी पूर्व सूचना के वह सीधे कार्यालय पहुंच गए। उनके इस अचानक दौरे ने निगम कर्मियों को चौंका दिया।

कार्यालय पहुंचते ही उन्होंने किसी अधिकारी की तरह अपने कक्ष का रुख नहीं किया, बल्कि मुख्य गेट की सीढ़ियों पर बैठकर पूरे परिसर और कर्मचारियों की गतिविधियों का निरीक्षण शुरू कर दिया। उनके इस व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों को स्पष्ट संदेश दिया कि वह सिर्फ कार्यालय के भीतर बैठकर काम करने वाले अधिकारी नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था को समझना और सुधारना चाहते हैं।

हाजिरी रजिस्टर की जांच से कर्मचारियों में हलचल

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने सबसे पहले कर्मचारियों की उपस्थिति पर नजर डाली। उन्होंने हाजिरी रजिस्टर की जांच की और समय पर आने वाले तथा देर से पहुंचने वाले कर्मचारियों की जानकारी ली। कई कर्मचारियों को उनके अचानक निरीक्षण की उम्मीद नहीं थी, जिससे कार्यालय में हलचल का माहौल बन गया।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और समय की पाबंदी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा के लिए कर्मचारियों का समय पर उपस्थित रहना आवश्यक है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बिना यूनिफॉर्म पहुंचे सफाईकर्मियों को लगाई फटकार

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त की नजर कुछ ऐसे सफाईकर्मियों पर भी पड़ी जो निर्धारित यूनिफॉर्म के बिना कार्यस्थल पर पहुंचे थे। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई।

उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म सिर्फ पहचान का माध्यम नहीं बल्कि जिम्मेदारी और अनुशासन का प्रतीक भी है। नगर निगम के कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर होना चाहिए और निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए।

खुद झाड़ू उठाकर दिया सफाई का प्रशिक्षण

नगर आयुक्त का सबसे अलग और चर्चा में रहने वाला कदम तब देखने को मिला जब उन्होंने केवल निर्देश देने के बजाय खुद झाड़ू उठा लिया। उन्होंने महिला सफाईकर्मियों को सफाई के सही तरीके समझाए और मौके पर ही उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

आमतौर पर वरिष्ठ अधिकारी केवल आदेश देते हैं, लेकिन बिजय सिंह बिरुआ ने स्वयं सफाई कार्य में भाग लेकर यह संदेश दिया कि कोई भी काम छोटा नहीं होता। उनका यह व्यवहार वहां मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

फायर सेफ्टी उपकरणों की भी की जांच

सिर्फ सफाई व्यवस्था ही नहीं, बल्कि नगर आयुक्त ने निगम कार्यालय में लगे फायर सेफ्टी उपकरणों की भी जांच की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा के सभी इंतजाम दुरुस्त हों।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अग्निशमन उपकरणों का नियमित निरीक्षण किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उनकी मरम्मत या बदलाव सुनिश्चित किया जाए।

मुहर्रम को लेकर दिए विशेष निर्देश

आगामी मुहर्रम पर्व को देखते हुए नगर आयुक्त ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए और कहीं भी गंदगी या अव्यवस्था की स्थिति न रहने दी जाए।

मेयर प्रमिला मेहरा भी पहुंचीं मौके पर

नगर आयुक्त के निरीक्षण की सूचना मिलने के बाद मेयर प्रमिला मेहरा भी निगम कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने नगर आयुक्त के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक सुधारों पर चर्चा की।

इस दौरान नगर निगम की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।

दो घंटे तक सीढ़ियों पर बैठे रहे नगर आयुक्त

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब दो घंटे तक नगर आयुक्त मुख्य गेट की सीढ़ियों पर बैठे रहे। इस दौरान कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनसे आग्रह किया कि वह अपने कार्यालय कक्ष में चलें और कुर्सी पर बैठें, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर निगम एक परिवार की तरह है और वास्तविक काम जमीन पर होता है, बंद कमरों में बैठकर नहीं। उनका यह बयान कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

शहर में चर्चा का विषय बनी कार्यशैली

गिरिडीह के पूर्व अपर समाहर्ता रह चुके बिजय सिंह बिरुआ पहले भी अपनी सादगी और कार्यशैली के लिए जाने जाते रहे हैं। नगर आयुक्त बनने के बाद उनका यह पहला बड़ा संदेश माना जा रहा है कि अब निगम में कामकाज की संस्कृति बदलने वाली है।

उनकी इस अनोखी कार्यशैली की चर्चा पूरे शहर में हो रही है। आम नागरिक इसे सकारात्मक पहल मान रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा।

नगर आयुक्त ने अपने व्यवहार से यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनकी जमीनी सोच और सक्रिय कार्यशैली आने वाले दिनों में गिरिडीह नगर निगम की कार्यसंस्कृति को नई दिशा दे सकती है।