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Koderma News : महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कोडरमा में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित, स्वरोजगार और MSME योजनाओं की दी गई जानकारी

Megha Sinha
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Koderma News : विश्व बैंक समर्थित RAMP कार्यक्रम के तहत महिला उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, कौशल विकास और व्यवसाय विस्तार के अवसरों से कराया गया अवगत

Koderma News : कोडरमा में जिला उद्योग केंद्र द्वारा आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। विश्व बैंक समर्थित RAMP कार्यक्रम के तहत आयोजित इस कार्यशाला में महिलाओं को स्वरोजगार, MSME योजनाओं, वित्तीय सहायता, कौशल विकास और व्यवसाय विस्तार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। सफल महिला उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा कर अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

कोडरमा। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र, कोडरमा द्वारा पब्लिक लाइब्रेरी, झुमरी तिलैया के सभागार में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिले की बड़ी संख्या में महिला उद्यमियों ने भाग लिया और विभिन्न सरकारी योजनाओं, व्यवसायिक अवसरों तथा उद्यम स्थापना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

Koderma News : महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कोडरमा में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित, स्वरोजगार और MSME योजनाओं की दी गई जानकारी 1

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, पुष्पगुच्छ भेंट एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। यह कार्यशाला उद्योग विभाग, झारखंड सरकार तथा झारखंड औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (JIIDCO) के संयुक्त तत्वावधान में विश्व बैंक समर्थित RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की गई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सशक्त बनाना, उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाना तथा विशेष रूप से महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने, उसका विस्तार करने, बाजार से जोड़ने और सरकारी सहायता प्राप्त करने से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का संचालन ईओडीबी (Ease of Doing Business) प्रबंधक राजीव कुमार सिंह ने किया। उन्होंने जिले में संचालित विभिन्न उद्योग एवं स्वरोजगार योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए महिलाओं से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सफल उद्यमी बनकर समाज और अर्थव्यवस्था दोनों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

कार्यशाला में जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रकाश रंजन, सदर प्रखंड की प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक शिखा वर्मा, नगर परिषद की नगर प्रबंधक नीलम उपाध्याय तथा सदर महिला एफपीसी की मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी बरनाली साहा सहित कई अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।

वक्ताओं ने बताया कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है, जिनके माध्यम से प्रशिक्षण, ऋण सुविधा, वित्तीय सहायता और विपणन सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से इन योजनाओं से जुड़कर नए व्यवसाय शुरू करने तथा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

कार्यशाला की विशेषता यह रही कि इसमें सफल महिला उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए। साबुन निर्माण के क्षेत्र में कार्यरत नंदिनी कुमारी, पेपर बैग निर्माण से जुड़ी मंजू देवी, धागे एवं ऊन से खिलौना निर्माण करने वाली रजिया खातून तथा सिलाई कार्य से जुड़ी मीना देवी ने अपनी सफलता की कहानियां प्रतिभागियों के साथ साझा कीं।

इन महिला उद्यमियों ने बताया कि प्रारंभिक दौर में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन निरंतर प्रयास, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं के सहयोग से उन्होंने अपने व्यवसाय को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने कार्यशाला को बेहद उपयोगी बताया। प्रतिभागियों का कहना था कि इस प्रकार के आयोजन महिलाओं को नई दिशा और अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि अधिक से अधिक महिलाएं उद्यमिता से जुड़ सकें।

विशेषज्ञों ने बताया कि महिला उद्यमिता केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन का भी महत्वपूर्ण आधार है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती हैं तो परिवार, समाज और पूरे क्षेत्र के विकास में सकारात्मक योगदान देती हैं। ऐसे कार्यक्रम महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सफल महिला उद्यमियों एवं अतिथियों को जिले की महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित हस्तनिर्मित उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान स्थानीय महिला उद्यमियों की प्रतिभा और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल रही।

अंत में ईओडीबी प्रबंधक राजीव कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों और महिला उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिला उद्योग केंद्र भविष्य में भी महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, जिससे जिले की अधिक से अधिक महिलाएं स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।