Jharkhand News : टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव रांची में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 1,042 नव चयनित इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कक्षा 6 से 12 तक के कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (CPD) प्रशिक्षण का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया।
Jharkhand News : रांची में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 1,042 सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने शिक्षकों को झारखंड की बौद्धिक संपदा बताते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उत्कृष्ट विद्यालय और नई शिक्षा नीति पर सरकार की प्राथमिकताओं को साझा किया।
रांची के टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में आयोजित भव्य नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के 1,042 नव चयनित इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप कक्षा 6 से 12 तक के कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (CPD) प्रशिक्षण कार्यक्रम का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया।
समारोह में मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें केवल नौकरी नहीं दी है, बल्कि झारखंड की भावी पीढ़ी का भविष्य संवारने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव तैयार करते हैं।

शिक्षकों के कंधों पर राज्य के भविष्य की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाले वर्षों में झारखंड का बौद्धिक विकास किस दिशा में जाएगा और नई पीढ़ी कितनी सक्षम बनेगी, यह काफी हद तक नव नियुक्त शिक्षकों के कार्य, व्यवहार और समर्पण पर निर्भर करेगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के ज्ञान, अनुशासन, व्यवहार और कार्यशैली से बच्चों का व्यक्तित्व बनता है। इसलिए प्रत्येक शिक्षक को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करने का यह अवसर केवल चयनित अभ्यर्थियों के लिए ही नहीं बल्कि उनके परिवारों के लिए भी गर्व और खुशी का पल है।
सरकार की आंख, कान और हाथ बनकर करें कार्य
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि वे राज्य सरकार की आंख, कान और हाथ बनकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि झारखंड के अनेक विद्यालय आज भी दुर्गम और ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है।
उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी विद्यालय से बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, हिंसा या अमानवीय व्यवहार की खबर नहीं आनी चाहिए। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो सरकार दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने में बिल्कुल भी पीछे नहीं हटेगी।

सिविक सेंस से मजबूत होगा समाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के सवा तीन करोड़ लोगों की जिम्मेदारी निभा रही है, लेकिन बेहतर समाज केवल सरकार के प्रयासों से नहीं बन सकता।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों को समझे और सिविक सेंस को मजबूत बनाए, तो समाज और व्यवस्था दोनों में बड़ा सकारात्मक बदलाव संभव है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज के दौर में किसी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति या धर्म से नहीं बल्कि उसकी योग्यता, कार्यक्षमता और विचारों से होती है। इसलिए शिक्षकों को समाज में समानता और भाईचारे का वातावरण तैयार करना चाहिए।
लाखों अभ्यर्थियों में चयनित युवा हैं राज्य की बौद्धिक संपदा
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि लाखों अभ्यर्थियों के बीच चयनित हुए ये सभी सहायक आचार्य झारखंड की बौद्धिक संपदा हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार विभिन्न विभागों में नियुक्तियां कर रही है। पिछले कार्यकाल में 55 हजार से अधिक नियुक्तियां दी गई थीं और वर्तमान कार्यकाल में भी स्वास्थ्य सहित कई विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया तेजी से जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक झारखंड को केवल खनिज संपदा के रूप में देखा गया, लेकिन अब सरकार शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए नई योजनाओं को जमीन पर उतार रही है।
उत्कृष्ट विद्यालयों ने बदली सरकारी शिक्षा की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय योजना का विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में शुरू किए गए Schools of Excellence मॉडल ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाया है। वर्तमान में जहां इन विद्यालयों में लगभग 9 से 10 हजार सीटें उपलब्ध हैं, वहीं प्रवेश के लिए 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता में लगातार सुधार हुआ है और अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ा है।
विज्ञान शिक्षकों की नियुक्ति से मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस नियुक्ति प्रक्रिया में 200 से अधिक विज्ञान विषय के शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में लंबे समय से विज्ञान शिक्षकों की कमी महसूस की जा रही थी। अब योग्य विज्ञान शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिलेगी और वे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर तथा वैज्ञानिक बनने का सपना पूरा कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत CPD प्रशिक्षण का शुभारंभ
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कक्षा 6 से 12 तक के शिक्षकों के लिए कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (CPD) प्रशिक्षण कार्यक्रम का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, नई शिक्षा पद्धतियों और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण प्रणाली से जोड़ना है ताकि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
नव नियुक्त शिक्षकों ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम में नव नियुक्त सहायक आचार्य सीता कुमारी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 22 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद उन्हें यह अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, छात्रवृत्ति योजनाओं और अन्य शिक्षा सुधार कार्यक्रमों से राज्य के विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिल रहा है।
मनोज कुमार वैद्य ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हुए कहा कि वर्ष 2026 को नियुक्तियों का वर्ष घोषित किए जाने का लाभ उन्हें भी मिला है। उन्होंने अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लिया।
वहीं प्रदीप कुमार यादव ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी माता ने नियुक्ति परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री की तस्वीर को प्रणाम किया था क्योंकि उन्हें बिना किसी लेन-देन के पारदर्शी प्रक्रिया से नौकरी मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से विद्यार्थियों की सेवा करेंगे।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विभागीय सचिव उमा शंकर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, नव नियुक्त सहायक आचार्य एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सरकार ने इस समारोह के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया कि झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नई नियुक्तियों, आधुनिक प्रशिक्षण और उत्कृष्ट विद्यालयों के विस्तार के जरिए राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।
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