Jharkhand News : झारखंड को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित ‘विजन-2050 राष्ट्रीय हितधारक परामर्श’ के दौरान दुनिया की कई प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य झारखंड में AI आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, नवाचार और भविष्य के लिए सक्षम मानव संसाधन तैयार करने को लेकर रणनीतिक साझेदारी विकसित करना था।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड केवल प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य नहीं है, बल्कि यहां प्रतिभा और संभावनाओं की भी कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय बुद्धिमत्ता को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर विकास का नया और समावेशी मॉडल तैयार करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार तकनीकी नवाचारों को अपनाने और AI आधारित सुशासन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बन सकें।
बैठक में Google, Oracle, Microsoft, IBM, Amazon Web Services (AWS), Salesforce Techstars, Leah AI और Mamsys सहित कई वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी कंपनियों ने झारखंड में तकनीकी निवेश, डिजिटल परिवर्तन और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग की इच्छा जताई।

Google ने दिया लाखों शिक्षकों को AI प्रशिक्षण का प्रस्ताव
Google के प्रतिनिधि लोकेश लोहिया के साथ हुई बैठक में AI आधारित सुशासन, स्मार्ट हेल्थकेयर, आपातकालीन सेवाएं, भाषा आधारित AI समाधान और डिजिटल स्किलिंग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कंपनी ने झारखंड के 3 से 4 लाख K-12 शिक्षकों के लिए तीन माह का AI प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम चलाने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा राज्य सरकार और Google के बीच स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट (SoI) पर हस्ताक्षर करने का सुझाव भी दिया गया। बैठक में AI आधारित एम्बुलेंस प्रबंधन प्रणाली और एकीकृत स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म विकसित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
Oracle ने स्किलिंग और रोजगार पर दिया जोर
Oracle के वरिष्ठ अधिकारियों ने झारखंड में AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल स्किलिंग इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए साझेदारी की इच्छा जताई। कंपनी ने उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण, प्रमाणन, कार्यबल विकास, नवाचार और क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल मिल सके।
Microsoft बनाएगा AI आधारित डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म
Microsoft के प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा में राज्य के सभी सरकारी विभागों के डेटा को एकीकृत करने वाले AI संचालित डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के विकास पर जोर दिया गया। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से साक्ष्य आधारित निर्णय लेने, सरकारी योजनाओं की बेहतर निगरानी, विभागीय प्रक्रियाओं के स्वचालन और डेटा गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। साथ ही लो-कोड प्लेटफॉर्म के जरिए सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण को तेज करने पर भी चर्चा हुई।
IBM ने खनन, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा के लिए पेश किए AI समाधान
IBM के वरिष्ठ सलाहकारों ने झारखंड के लिए खनन, स्वास्थ्य, बैंकिंग और साइबर सुरक्षा क्षेत्रों में AI आधारित समाधान प्रस्तुत किए। कंपनी ने बुद्धिमान डेटा एनालिटिक्स, खनन गतिविधियों की निगरानी, सुरक्षित डेटा साझाकरण और राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप AI समाधान विकसित करने के लिए नि:शुल्क प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) उपलब्ध कराने की पेशकश की।
AWS ने सुरक्षित क्लाउड और डिजिटल गवर्नेंस पर दिया प्रस्ताव
Amazon Web Services (AWS) के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में सुरक्षित क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, AI आधारित डेटा एकीकरण, डिजिटल गवर्नेंस, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), शिक्षा और केंद्रीकृत निर्णय समर्थन डैशबोर्ड विकसित करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। AWS ने राज्य में AI आधारित सुशासन समाधान प्रदर्शित करने के लिए नि:शुल्क PoC उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा।
इसके अलावा अन्य वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ AI आधारित एनालिटिक्स, हाइब्रिड क्लाउड, साइबर सुरक्षा, इंटेलिजेंट डेटा प्लेटफॉर्म, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, लीकेज रोकने, सेवा वितरण को बेहतर बनाने और प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रमों के माध्यम से संस्थागत क्षमता निर्माण पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित झारखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों के सुझावों और प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार नवाचार, डिजिटल अवसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुशासन और कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए झारखंड को देश के अग्रणी डिजिटल और निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
इस राष्ट्रीय हितधारक परामर्श के दौरान हुई B2G बैठकों से यह स्पष्ट हुआ कि दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियां झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने के लिए उत्साहित हैं। आने वाले वर्षों में इन साझेदारियों के माध्यम से राज्य में डिजिटल परिवर्तन को नई गति मिलने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, खनन, कृषि, प्रशासन और रोजगार के क्षेत्र में भी व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

