AI Policy Jharkhand 2026 : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, आईटी पार्क, एआई स्टार्टअप, ₹1,150 करोड़ निवेश और विजन-2050 के जरिए झारखंड को देश का अग्रणी एआई राज्य बनाने की तैयारी।
AI Policy Jharkhand 2026 : झारखंड सरकार ने नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में एआई आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना, ₹1,150 करोड़ निवेश, आईटी पार्क, स्टार्टअप और विजन-2050 का व्यापक रोडमैप पेश किया। जानिए सरकार की पूरी योजना।
नई दिल्ली/रांची, 09 जुलाई। झारखंड सरकार ने राज्य को डिजिटल गवर्नेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान सरकार ने एक व्यापक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन रोडमैप प्रस्तुत किया। इस रोडमैप का उद्देश्य प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और नागरिक सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करते हुए झारखंड को भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है।
सरकार का मानना है कि एआई आधारित तकनीक के उपयोग से सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी, तेज, जवाबदेह और डेटा आधारित बनेंगी। इससे आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही राज्य में निवेश, रोजगार और तकनीकी नवाचार के नए अवसर भी विकसित होंगे।

झारखंड एआई नीति 2026-2031 की रूपरेखा प्रस्तुत
बैठक के दौरान राज्य सरकार ने प्रस्तावित झारखंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) नीति 2026-2031 का प्रारूप भी साझा किया। इस नीति का उद्देश्य केवल तकनीकी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाना भी है।
नई नीति के तहत स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया कि डिजिटल विकास के साथ-साथ डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म बनेगा निर्णय प्रक्रिया का आधार
सरकार ने मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। यह एक एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली होगी, जो विभिन्न सरकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और विभागीय कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगी।
इस प्लेटफॉर्म की सहायता से नीति निर्माण, संसाधनों का बेहतर उपयोग और योजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी होगी। इससे प्रशासनिक निर्णयों में डेटा आधारित विश्लेषण को बढ़ावा मिलेगा तथा योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
व्हाट्सएप से मिलेंगी सरकारी सेवाएं, पंचायत तक पहुंचेगी डिजिटल सुविधा
सरकार ने डिजिटल सेवाओं को आम नागरिकों तक आसान तरीके से पहुंचाने के लिए कई नई पहलें प्रस्तावित की हैं। इनमें बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवाएं, ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली तथा पंचायत स्तर तक डिजिटल सेवाओं का विस्तार शामिल है।
इन पहलों का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल अंतर को कम करना तथा प्रत्येक नागरिक को सरल, तेज और पारदर्शी सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
तीन प्रमुख एआई परियोजनाओं पर रहेगा विशेष फोकस
नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान सरकार ने तीन प्रमुख एआई आधारित परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता देने की घोषणा की।
इनमें मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP), हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (HNVS) तथा क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (CMAS) शामिल हैं।
इन प्रणालियों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी, पोषण कार्यक्रमों की प्रभावशीलता, खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक डेटा विश्लेषण का उपयोग किया जाएगा।

स्टेट एआई मिशन, एआई पार्क और इनोवेशन हब की स्थापना होगी
राज्य सरकार ने दीर्घकालिक डिजिटल विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की घोषणा की है। इनमें स्टेट एआई मिशन, झारखंड एआई क्लाउड, एआई इनोवेशन हब, एआई पार्क, एआई इनोवेशन जोन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एक समेकित स्टार्टअप एवं स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित करने की योजना शामिल है।
इन पहलों से राज्य में अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और उद्योग-अकादमिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही युवाओं को नई तकनीकों के अनुरूप रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
पांच वर्षों में ₹1,150 करोड़ निवेश का प्रस्ताव
डिजिटल परिवर्तन की इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू करने के लिए सरकार ने अगले पांच वर्षों में ₹1,150 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है।
यह निवेश एआई अवसंरचना के निर्माण, डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप प्रोत्साहन और विभिन्न सरकारी विभागों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान लागू करने पर खर्च किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि इस निवेश से राज्य में डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति मिले और निजी निवेशकों का विश्वास भी बढ़े।
रांची में बनेगा 100.97 एकड़ का आधुनिक आईटी पार्क
सरकार ने रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के आईटी पार्क की भी जानकारी साझा की। इस आईटी पार्क को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना से झारखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कंपनियों के लिए आकर्षक निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिलने की संभावना है।
विजन-2050: 10 हजार करोड़ निवेश और एक लाख रोजगार का लक्ष्य
झारखंड सरकार ने विजन-2050 के तहत कई बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इनमें राज्य में ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करना, 50 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना, 1,000 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना तथा एक लाख से अधिक एआई आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना शामिल है।
यदि यह लक्ष्य निर्धारित समय में पूरे होते हैं, तो झारखंड देश के प्रमुख डिजिटल और तकनीकी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।
एआई शिक्षा और कौशल विकास पर रहेगा विशेष जोर
सरकार ने स्पष्ट किया कि केवल तकनीकी अवसंरचना विकसित करना पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए राज्य में दक्ष मानव संसाधन तैयार करना भी आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से एआई शिक्षा, उन्नत कौशल विकास, शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी, सरकारी अधिकारियों के प्रशिक्षण तथा युवाओं के क्षमता निर्माण पर विशेष बल दिया जाएगा। इससे भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार किया जा सकेगा।
निजी क्षेत्र और स्टार्टअप्स से साझेदारी की अपील
राज्य सरकार ने प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, निवेशकों, उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों से झारखंड के डिजिटल विकास में साझेदार बनने का आह्वान किया है।
सरकार चाहती है कि निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और नवाचार का लाभ राज्य के डिजिटल गवर्नेंस, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई अनुसंधान तथा डिजिटल अवसंरचना निर्माण में मिले, जिससे सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता दोनों में सुधार हो सके।
डिजिटल झारखंड की दिशा में बड़ा कदम
एआई आधारित सुशासन और डिजिटल नवाचार का यह रोडमैप झारखंड को भविष्य की तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल तकनीकी विकास नहीं, बल्कि नागरिकों को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, सरल और प्रभावी सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।
यदि प्रस्तावित एआई नीति, निवेश योजनाएं, डिजिटल अवसंरचना और कौशल विकास कार्यक्रम समयबद्ध तरीके से लागू होते हैं, तो आने वाले वर्षों में झारखंड देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकता है। विजन-2050 के माध्यम से राज्य सरकार ने निवेश, नवाचार, रोजगार और तकनीकी विकास को केंद्र में रखते हुए एक ऐसे झारखंड की परिकल्पना प्रस्तुत की है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुशासन का राष्ट्रीय मॉडल बन सके।

