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Jharkhand News : पर्यटन निवेश का नया केंद्र बनेगा झारखंड, 5.85 करोड़ पर्यटकों के साथ सरकार ने पेश किया विजन

Megha Sinha
Jharkhand News : नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 में झारखंड सरकार ने पर्यटन निवेश, होमस्टे नीति, इको-टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति प्रस्तुत की। निजी निवेश और स्थानीय रोजगार को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

Jharkhand News : राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 में झारखंड सरकार ने पर्यटन निवेश, नई पर्यटन नीति 2026, होमस्टे नीति, इको-टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन और निजी निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। जानिए कैसे झारखंड पूर्वी भारत का प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनने की ओर बढ़ रहा है।

नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 के दूसरे दिन झारखंड के पर्यटन एवं औद्योगिक विकास पर विस्तृत चर्चा हुई। “डेस्टिनेशन झारखंड – पर्यटन निवेश एवं समावेशी विकास को गति” विषय पर आयोजित इस विशेष सत्र में नीति-निर्माताओं, पर्यटन विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विकास साझेदारों ने राज्य में पर्यटन क्षेत्र के विकास और निवेश की संभावनाओं पर व्यापक मंथन किया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य झारखंड को देश के अग्रणी पर्यटन एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए ठोस रणनीति तैयार करना था। इस दौरान राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में पर्यटन क्षेत्र को आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सतत विकास का प्रमुख आधार बनाया जाएगा।

Jharkhand News : पर्यटन निवेश का नया केंद्र बनेगा झारखंड, 5.85 करोड़ पर्यटकों के साथ सरकार ने पेश किया विजन 1

5.85 करोड़ पर्यटकों का आगमन, पर्यटन क्षमता का बड़ा संकेत

परामर्श के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में झारखंड में 5.85 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया। इनमें लगभग 4.40 करोड़ श्रद्धालु शामिल रहे, जो राज्य में धार्मिक पर्यटन की मजबूत संभावनाओं को दर्शाता है।

सरकार का मानना है कि प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक स्थल, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के कारण झारखंड आने वाले वर्षों में देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है।

पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से बढ़ेंगे निवेश के अवसर

झारखंड सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देकर निजी निवेश के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। इससे निवेशकों को संस्थागत वित्तपोषण, विभिन्न सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं तथा पर्यटन अवसंरचना के विकास में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

सरकार का उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं है, बल्कि पर्यटन आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना भी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास का लाभ पहुंचे।

नई पर्यटन नीति 2026 और होमस्टे नीति से मिलेगा नया आयाम

राज्य सरकार जल्द ही प्रस्तावित पर्यटन नीति-2026 तथा होमस्टे नीति-2026 लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके साथ ही डिजिटल सिंगल विंडो पंजीकरण प्रणाली भी विकसित की जा रही है ताकि निवेशकों को परियोजनाओं की स्वीकृति और संचालन में आसानी हो।

सरकार का कहना है कि नई नीतियों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में पारदर्शिता, निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं और ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

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धार्मिक पर्यटन से लेकर एडवेंचर टूरिज्म तक होगा विस्तार

परामर्श में बताया गया कि झारखंड केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य सरकार इको-टूरिज्म, वन्यजीव पर्यटन, साहसिक पर्यटन, वाटर स्पोर्ट्स, माइनिंग टूरिज्म और सामुदायिक आधारित जनजातीय पर्यटन को भी प्राथमिकता दे रही है।

केंद्र सरकार की प्रसाद (PRASHAD) और स्वदेश दर्शन (Swadesh Darshan) जैसी योजनाओं के माध्यम से राज्य में पर्यटन अवसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत नए पर्यटन स्थलों का विकास, आधुनिक सुविधाओं का निर्माण तथा पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर कार्य किया जा रहा है।

होटल, रिसॉर्ट, रोपवे और वाटर स्पोर्ट्स में निवेश का अवसर

झारखंड सरकार ने निजी निवेशकों को होटल, रिसॉर्ट, रोपवे, स्काईवॉक, फ्लोटिंग रेस्तरां, हाउसबोट, वाटर स्पोर्ट्स, कैंपिंग साइट्स तथा अनुभवात्मक पर्यटन परियोजनाओं में निवेश के लिए आमंत्रित किया है।

सरकार निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य कर रही है, जिससे राज्य में विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं का विकास हो सके।

सुदिव्य कुमार बोले— झारखंड की पहचान केवल खनिज नहीं, प्राकृतिक सौंदर्य भी

पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि प्रकृति ने झारखंड को केवल खनिज संपदा ही नहीं बल्कि अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य भी दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि झारखंड पूरे देश में अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों के लिए भी जाना जाए।

उन्होंने कहा कि झारखंड ने पर्यटन के लिए अपने द्वार पूरी तरह खोल दिए हैं और देशभर के पर्यटकों का राज्य में स्वागत है।

होमस्टे मॉडल से बढ़ेगा स्थानीय रोजगार

सुदिव्य कुमार ने सामुदायिक आधारित पर्यटन की चर्चा करते हुए कहा कि एक फाइव स्टार होटल लगभग 200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देता है, जबकि यदि 100 होमस्टे विकसित किए जाएं और प्रत्येक परिवार में पांच सदस्य हों, तो लगभग 500 लोगों की आजीविका सुनिश्चित की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि आगामी होमस्टे नीति को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि झारखंड देश के प्रमुख होमस्टे गंतव्यों में अपनी अलग पहचान बना सके।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने निवेशकों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को भरोसा दिलाया कि झारखंड निवेश के लिए सुरक्षित, संभावनाओं से भरपूर और तेजी से विकसित होता राज्य है।

पूर्वी भारत का अग्रणी पर्यटन केंद्र बनने की दिशा में झारखंड

बैठक के अंत में सरकार ने दोहराया कि झारखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, आध्यात्मिक धरोहर, आधुनिक पर्यटन अवसंरचना और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी के बल पर पूर्वी भारत का अग्रणी, सतत और निवेश-अनुकूल पर्यटन गंतव्य बनने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सरकार का मानना है कि पर्यटन केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विकास का भी प्रभावी साधन बन सकता है।

इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, इरफान अंसारी तथा कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।