Koderma: कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव ने रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर कोडरमा जिले के सभी महाविद्यालयों को पूर्ववत विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से संबद्ध बनाए रखने की मांग संबंधी ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया है ताकि कोडरमा जिले के छात्र-छात्राओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
कोडरमा विधायक डॉ नीरा यादव ने बुधवार को बताया कि पहले भी इस बाबत ज्ञापन दिया गया था। पुनः मंगलवार को रांची में मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में विधायक डॉ. नीरा यादव ने कहा है कि वर्ष 1992 से पूर्व कोडरमा जिले के सभी अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालय रांची विश्वविद्यालय से संचालित होते थे। छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग की स्थापना की गई, जिसके बाद से जिले के सभी महाविद्यालय इसी विश्वविद्यालय से संचालित हो रहे हैं। कोडरमा से हजारीबाग की दूरी लगभग 58 किलोमीटर है, जिससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में काफी सहूलियत मिली है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोडरमा जिले के महाविद्यालयों को नवस्थापित सर जेसी बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह से संबद्ध करने की प्रक्रिया चल रही है। जबकि कोडरमा से गिरिडीह की दूरी लगभग 120 से 125 किलोमीटर है। ऐसे में विद्यार्थियों को आवागमन में अतिरिक्त समय और आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ेगा।
डॉ. नीरा यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में चौथे वर्ष विश्वविद्यालय स्तर पर अध्ययन और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भागीदारी आवश्यक है। विश्वविद्यालय की दूरी अधिक होने की स्थिति में विशेषकर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है तथा ड्रॉपआउट की संभावना बढ़ सकती है। विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि छात्रहित को ध्यान में रखते हुए कोडरमा जिले के सभी महाविद्यालयों को पूर्ववत विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के अधीन ही रखा जाए।

इस संबंध में उन्होंने रांची में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को भी पत्र सौंपकर आवश्यक पहल करने की मांग की है। विधायक डॉ नीरा यादव ने बताया कि कोडरमा में इंजीनियरिंग कॉलेज, सतगावां, मरकच्चो, डोमचांच और चंदवारा में डिग्री कॉलेज को चालू करने की भी मांग की गयी जिनका भवन कई सालों से बनकर तैयार है। इसके साथ ही कोडरमा जिले में आपराधिक घटनाओं और अन्य समस्याओं को लेकर भी मुख्यमंत्री से वार्ता की गयी।
डॉ. नीरा यादव ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी, जिससे कोडरमा जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकलता है तो वे सड़क से सदन तक की लड़ाई लड़ेंगी और आगामी विधानसभा सत्र में इस मामले को प्रमुखता से रखेंगी। छात्र हित के सवाल पर जो भी आवश्यक पहल करने की जरूरत पड़ेगी वे उसके लिए सदैव तैयार हैं।









