Koderma: झालसा के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार कोडरमा रमाकांत मिश्रा के मार्गदर्शन में 90 दिन गहन विधिक जागरुकता शिविर के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों, परियोजना बालिका उच्च विद्यालय, कोडरमा उच्च विद्यालय, सीएच प्लस टू उच्च विद्यालय एवं सीडी गर्ल्स हाई स्कूल में शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण इंटरनेट के फायदे और नुकसान पर निबंध प्रतियोगिता, चित्रांकन प्रतियोगिता एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें काफी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम में बतौर मुख अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार कोडरमा के प्रभारी सचिव सह एसीजेएम प्रज्ञा बाजपेई उपस्थित थी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को कानून के प्रति जागरूक करना है, जिससे अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंच सके। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलित और सुरक्षित रहे साथ ही, जीवन के लिए कितना उपयोगी है यह जानना सभी के लिए आवश्यक है। पर्यावरण से ही हमें भोजन, पानी और ऑक्सीजन प्राप्त होता है। जिस पर हम सभी जीवन निर्भर हैं। आज के बच्चों को इंटरनेट के फायदे और नुकसान दोनों की जानकारी होनी चाहिए तभी वे इसका सही से उपयोग कर पाएंगे जो उनके जीवन के लिए फायदेमंद होगा। वहीं उन्होंने जिला विधिक सेव प्राधिकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों, बाल विवाह बाल मजदूरी, शिक्षा का अधिकार, अधिकार और कर्तव्य पर विस्तृत रूप से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कानून की अवहेलना करने पर दंड का प्रावधान है। वहीं उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक समस्या है जिसे हम सभी को मिलकर दूर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह करना या कराना या उसमें शामिल होना कानूनन दंडनीय अपराध है, इसकी रोकथाम करना हम सब की नैतिक जिम्मेवारी है। प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता नवल किशोर, किरण कुमारी, राजेंद्र मंडल, अरुण कुमार ओझा, अश्विनी शरण सहित पीएलबी लग रहे।

