Jharkhand News : 20वीं सीनियर राज्य स्तरीय पुरुष खो-खो चैंपियनशिप का भव्य समापन, 18 जिलों के खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम; केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने विजेताओं को किया सम्मानित
कोडरमा में आयोजित 20वीं सीनियर राज्य स्तरीय पुरुष खो-खो चैंपियनशिप 2026-27 का भव्य समापन हुआ। बोकारो ने खिताब जीता, रांची उपविजेता रही और मेजबान कोडरमा ने तीसरा स्थान हासिल किया। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कोडरमा: झारखंड के पारंपरिक खेलों को नई पहचान दिलाने वाली 20वीं सीनियर राज्य स्तरीय पुरुष खो-खो चैंपियनशिप 2026-27 का रविवार को भव्य समापन हुआ। झारखंड राज्य खो-खो संघ (JSKKA) एवं कोडरमा जिला खो-खो संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता ने तीन दिनों तक खेल प्रेमियों को रोमांच, जोश और बेहतरीन खेल कौशल का अद्भुत संगम देखने का अवसर दिया। प्रतियोगिता का आयोजन 24 जुलाई से 26 जुलाई तक आरपीवाई ग्लोबल स्कूल, चाराडीह (कोडरमा) में किया गया, जिसमें राज्य के 18 जिलों की टीमों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
तीन दिनों तक चले मुकाबलों में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट फिटनेस, तेज रणनीति, टीम वर्क और अनुशासन का परिचय दिया। प्रत्येक मैच में खिलाड़ियों का उत्साह और जीत का जज्बा देखने लायक रहा। प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में बोकारो की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। वहीं रांची की टीम उपविजेता बनी, जबकि मेजबान कोडरमा ने तीसरा स्थान हासिल कर जिले का नाम पूरे राज्य में गौरवान्वित किया।

तीन दिनों तक रोमांच से भरपूर रहे मुकाबले
प्रतियोगिता के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों ने अपनी गति, फुर्ती और खेल कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। शुरुआती लीग मुकाबलों से लेकर सेमीफाइनल और फाइनल तक हर मैच रोमांच से भरपूर रहा। खिलाड़ियों ने खेल भावना का परिचय देते हुए अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक खेल प्रस्तुत किया, जिसकी दर्शकों ने भी जमकर सराहना की।
मेजबान कोडरमा की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया और अंततः तीसरा स्थान हासिल कर जिले के खेल इतिहास में एक और उपलब्धि जोड़ दी। इससे स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी रहीं मुख्य अतिथि
प्रतियोगिता के समापन समारोह में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने विजेता, उपविजेता एवं अन्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत के पारंपरिक खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्थानीय और स्वदेशी खेलों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में खो-खो जैसे भारतीय खेलों को विश्व स्तर पर नई पहचान मिलेगी। साथ ही उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि वर्ष 2030 तक पारंपरिक भारतीय खेलों को ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर स्थान दिलाने की दिशा में सकारात्मक पहल देखने को मिल सकती है।
‘खेल व्यक्तित्व निर्माण का सबसे मजबूत माध्यम’
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल जीत और हार तक सीमित नहीं होते। खेल व्यक्ति में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीम भावना और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ आगे बढ़ने और अपने प्रदर्शन के माध्यम से झारखंड एवं देश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आज के युवा यदि खेलों को गंभीरता से अपनाएं तो वे न केवल अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं बल्कि देश को भी गौरवान्वित कर सकते हैं।

सफल आयोजन के लिए सभी का जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान कोडरमा जिला खो-खो संघ के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, विद्यालय प्रबंधन, स्वयंसेवकों, खेल प्रेमियों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि कोडरमा में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का सफल आयोजन जिले के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे जिले के युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और उनमें खो-खो सहित अन्य पारंपरिक खेलों के प्रति रुचि और अधिक बढ़ेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कोडरमा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में भी सक्षम होगा।
खिलाड़ियों को बड़े मंच तक पहुंचने का अवसर
झारखंड राज्य खो-खो संघ के उपाध्यक्ष तौफीक हुसैन ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और बड़े मंच तक पहुंचने का सुनहरा अवसर प्रदान करती हैं।
उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण के बल पर झारखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से मेहनत जारी रखने और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तैयारी करने की अपील की।
दर्शकों का भी मिला भरपूर समर्थन
तीन दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, अभिभावक, प्रशिक्षक, विद्यालय परिवार और स्थानीय नागरिक प्रतियोगिता देखने पहुंचे। दर्शकों के उत्साह और तालियों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया। पूरे आयोजन के दौरान खेल भावना, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का उत्कृष्ट वातावरण देखने को मिला।
समापन समारोह में विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, टीम प्रबंधकों, खेल पदाधिकारियों और उत्कृष्ट सहयोग देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया। इससे आयोजन और अधिक गरिमामय बन गया।
झारखंड में पारंपरिक खेलों को मिल रही नई पहचान
20वीं सीनियर राज्य स्तरीय पुरुष खो-खो चैंपियनशिप का सफल आयोजन इस बात का प्रमाण है कि झारखंड में पारंपरिक खेलों के प्रति युवाओं का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। राज्य सरकार, खेल संघों और स्थानीय संगठनों के प्रयासों से खो-खो जैसे भारतीय खेलों को नई ऊर्जा और मंच मिल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और नियमित प्रतियोगिताएं मिलती रहीं तो आने वाले वर्षों में झारखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएंगे।
कोडरमा में आयोजित इस सफल प्रतियोगिता ने न केवल राज्य के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया, बल्कि यह भी साबित किया कि पारंपरिक खेल आज भी युवाओं के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं। बोकारो की ऐतिहासिक जीत, रांची का शानदार प्रदर्शन और मेजबान कोडरमा का तीसरा स्थान इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। यह आयोजन निश्चित रूप से झारखंड में खो-खो खेल के विकास और खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
