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Koderma News : मेरिडियन किड्स फ्लोरेट में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित, हिंदुस्तान ओलंपियाड के मेधावी छात्र संस्कार कुमार का सम्मान

Megha Sinha

Koderma News : डॉ. कलाम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित, जिला स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र संस्कार कुमार को ₹1100 का प्रोत्साहन चेक एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।

Koderma News : मेरिडियन किड्स फ्लोरेट, बिशुनपुर में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान हिंदुस्तान ओलंपियाड में जिला स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र संस्कार कुमार को ₹1100 का प्रोत्साहन चेक और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और “मिसाइल मैन ऑफ इंडिया” के नाम से विश्वभर में प्रसिद्ध डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि के अवसर पर मेरिडियन किड्स फ्लोरेट, बिशुनपुर में श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष समारोह में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने डॉ. कलाम को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और आदर्शों को याद किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक डॉ. एस. एन. कुमार द्वारा डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. कलाम का संपूर्ण जीवन संघर्ष, सादगी, ईमानदारी और शिक्षा के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि यदि वे अपने जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो उन्हें डॉ. कलाम के आदर्शों को अपनाना होगा।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और प्रेरणादायी क्षण वह रहा जब विद्यालय के मेधावी छात्र संस्कार कुमार को सम्मानित किया गया। कक्षा-1 के छात्र संस्कार कुमार ने हिंदुस्तान ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिला स्तर पर तृतीय स्थान (Third District Topper) प्राप्त किया है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हिंदुस्तान ओलंपियाड की ओर से ₹1100 का प्रोत्साहन चेक एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया, जिसे विद्यालय के निदेशक डॉ. एस. एन. कुमार ने अपने हाथों से छात्र को सौंपा।

सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ संस्कार कुमार का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय प्रबंधन ने इस उपलब्धि को पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय बताया। विद्यालय का मानना है कि प्रारंभिक कक्षाओं से ही विद्यार्थियों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति रुचि विकसित करना भविष्य की सफलता की मजबूत नींव तैयार करता है।

अपने संबोधन में डॉ. एस. एन. कुमार ने कहा कि संस्कार कुमार की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे विद्यालय परिवार की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने शिक्षा और विज्ञान के माध्यम से देश को नई दिशा देने का कार्य किया, उसी प्रकार आज के प्रतिभाशाली विद्यार्थी आने वाले समय में भारत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतियोगिताएँ केवल पुरस्कार जीतने का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि वे आत्मविश्वास, ज्ञान और व्यक्तित्व विकास का अवसर भी प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी छात्रों से निरंतर अध्ययन, अनुशासन और कठिन परिश्रम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया ताकि वे भी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने भी संस्कार कुमार की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करना अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्कार भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय, अपने परिवार और जिले का नाम रोशन करेगा।

श्रद्धांजलि सभा के दौरान विद्यार्थियों को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंगों की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि किस प्रकार साधारण परिवार से निकलकर डॉ. कलाम ने अपने अथक परिश्रम, ज्ञान और संकल्प के बल पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक का सफर तय किया। साथ ही उन्होंने भारत के रक्षा एवं अंतरिक्ष कार्यक्रमों को नई दिशा देकर देश को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई।

विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि डॉ. कलाम सदैव युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करते थे। उनका मानना था कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे बड़ी शक्ति है। यही कारण है कि आज भी उनके विचार करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। साथ ही सभी ने संस्कार कुमार को शुभकामनाएँ देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भी छात्र-छात्राएँ शिक्षा, खेल, विज्ञान और अन्य प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का प्रसिद्ध प्रेरणादायी संदेश दोहराया गया, जिसने उपस्थित सभी विद्यार्थियों को नई ऊर्जा और उत्साह से भर दिया—

“सपने वो नहीं जो हम सोते समय देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते।” — डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम

विद्यालय परिवार ने इस संदेश को अपने शैक्षणिक मूल्यों का आधार बताते हुए विद्यार्थियों से जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।