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JPSC-JSSC Paper Leak मामले पर संसद परिसर में भाजपा का जोरदार प्रदर्शन, ढुलू महतो समेत सभी सांसदों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांगा इस्तीफा

Megha Sinha
JPSC-JSSC Paper Leak : लोकसभा परिसर के बाहर भाजपा सांसदों ने पेपर लीक को युवाओं के भविष्य पर हमला बताया, उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग

JPSC-JSSC Paper Leak : झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामलों को लेकर भाजपा ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। धनबाद सांसद ढुलू महतो सहित सभी भाजपा सांसदों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

JPSC-JSSC Paper Leak : झारखंड में लगातार सामने आ रहे JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को लेकर राज्य की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र में भी सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई। बुधवार को लोकसभा परिसर के बाहर झारखंड के सभी भाजपा सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

इस प्रदर्शन में धनबाद के सांसद ढुलू महतो भी प्रमुख रूप से शामिल रहे। भाजपा सांसदों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर राज्य के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।

पेपर लीक को बताया युवाओं के सपनों पर हमला

प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसदों ने कहा कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार सवालों के घेरे में है। उनका आरोप है कि JPSC और JSSC जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बार-बार लीक होने की घटनाएं राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की विफलता को उजागर करती हैं।

सांसदों का कहना था कि लाखों अभ्यर्थी वर्षों तक कठिन परिश्रम कर इन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद छात्र अपने भविष्य को बेहतर बनाने की उम्मीद में दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और विश्वास दोनों को तोड़ देती हैं।

ढुलू महतो बोले- मेहनती युवाओं के साथ अन्याय

धनबाद सांसद ढुलू महतो ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि झारखंड का युवा अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर सरकारी नौकरी पाने का सपना देखता है, लेकिन पेपर लीक माफिया और सरकार की कथित लापरवाही के कारण उसकी मेहनत बार-बार बेकार हो जाती है।

उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला है। ऐसे मामलों में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

ढुलू महतो ने कहा कि यदि सरकार समय रहते प्रभावी कदम उठाती, तो इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती। उन्होंने युवाओं का भरोसा बहाल करने के लिए कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।

संसद परिसर में तख्तियों के साथ किया विरोध प्रदर्शन

भाजपा सांसदों ने संसद परिसर के बाहर हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सांसदों ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं ने झारखंड के युवाओं के बीच असंतोष और निराशा का माहौल पैदा कर दिया है।

प्रदर्शन कर रहे सांसदों ने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली पारदर्शी और सुरक्षित नहीं होगी, तो योग्य अभ्यर्थियों का सरकारी व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा। इसलिए सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए।

भाजपा की प्रमुख मांगें

भाजपा सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • JPSC और JSSC पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच।
  • पूरे नेटवर्क और कथित पेपर लीक माफिया की पहचान।
  • दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई।
  • परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल युवाओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।

युवाओं के मुद्दे को संसद से सड़क तक उठाने का दावा

भाजपा सांसदों ने कहा कि उनका संघर्ष केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा। यदि राज्य सरकार ने इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो पार्टी राज्यभर में आंदोलन चलाएगी और युवाओं की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाएगी।

सांसदों का कहना है कि झारखंड के युवाओं को न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

झारखंड की राजनीति में फिर गरमाया पेपर लीक का मुद्दा

JPSC और JSSC से जुड़े कथित पेपर लीक के मुद्दे पर पहले भी राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। भाजपा लगातार राज्य सरकार पर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाती रही है। वहीं दूसरी ओर सत्तापक्ष समय-समय पर कार्रवाई और जांच की बात करता रहा है।

संसद परिसर में भाजपा सांसदों के इस प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विषय झारखंड की राजनीति में प्रमुख मुद्दा बना रह सकता है।

सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें

भाजपा द्वारा संसद परिसर में किए गए इस विरोध प्रदर्शन के बाद अब सभी की निगाहें झारखंड सरकार की प्रतिक्रिया पर हैं। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी भी चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए।

यदि सरकार इस दिशा में प्रभावी कदम उठाती है तो इससे युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत हो सकता है। वहीं राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे पर आगे की गतिविधियां आने वाले समय में झारखंड की राजनीति को प्रभावित कर सकती हैं।