Skip to content

JPSC-JSSC भर्ती अनियमितताओं पर विधानसभा परिसर में भाजपा विधायकों के प्रदर्शन में शामिल हुईं डॉ नीरा, बोलीं- युवाओं के भविष्य से नहीं होने देंगे खिलवाड़

Megha Sinha

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन भाजपा और एनडीए विधायकों ने JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव ने सीबीआई जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और युवाओं को न्याय दिलाने की मांग उठाई।

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन गुरुवार को विधानसभा परिसर में राजनीतिक माहौल उस समय गर्म हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एनडीए के विधायकों ने JPSC – JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा विधायकों ने “नौकरी के दुश्मन” लिखे मास्क पहनकर राज्य सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि राज्य में JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में लगातार विवाद सामने आते रहे हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। प्रदर्शन के दौरान विधायकों ने मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही उन्होंने पूरी भर्ती प्रक्रिया की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग भी दोहराई।

प्रदर्शन में कोडरमा की भाजपा विधायक डॉ. नीरा यादव भी सक्रिय रूप से शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं के अधिकारों और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए लगातार संघर्ष कर रही है और यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उनके अनुसार राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

डॉ. नीरा यादव ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। परीक्षा संचालन, परिणाम, नियुक्ति प्रक्रिया और समय पर बहाली नहीं होने जैसी समस्याओं ने अभ्यर्थियों की उम्मीदों को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं के भविष्य के प्रति गंभीरता दिखानी चाहिए और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के लाखों अभ्यर्थी लंबे समय से सरकारी नौकरियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नियुक्तियों में हो रही देरी के कारण युवाओं को आर्थिक, मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह सभी विवादों का निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करे।

भाजपा विधायकों ने प्रदर्शन के दौरान मांग रखी कि जिन भर्ती परीक्षाओं पर विवाद और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, उन्हें रद्द कर नई परीक्षा आयोजित की जाए। उनका कहना था कि पुनर्परीक्षा पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध तरीके से कराई जानी चाहिए ताकि योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।

विधानसभा परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि राज्य के युवाओं का विश्वास भर्ती संस्थाओं और सरकार पर तभी कायम रहेगा, जब पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और जवाबदेही के साथ पूरी की जाएगी। उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक, कड़ी निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की भी मांग की।

डॉ. नीरा यादव ने कहा कि भाजपा युवाओं के हितों से जुड़े इस मुद्दे को केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को न्याय दिलाने के लिए पार्टी हर लोकतांत्रिक मंच पर आवाज उठाती रहेगी।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह प्रदर्शन महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मानसून सत्र के पहले ही दिन भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इससे संकेत मिलता है कि आगामी सत्र के दौरान रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और युवाओं से जुड़े विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

हालांकि, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा। विधानसभा में उठे इस मुद्दे ने एक बार फिर राज्य में रोजगार और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज कर दी है। अब सभी की नजर सरकार की आगामी प्रतिक्रिया और इस विषय पर उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हुई है।