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Koderma News : सतगावां के बासोडीह बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, मिलावटी लड्डू, बर्फी और हल्दी नष्ट, कारोबारियों को कड़ी चेतावनी

Megha Sinha

Koderma News : कोडरमा के सतगावां प्रखंड स्थित बासोडीह बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग और टोबैको कंट्रोल सेल की संयुक्त टीम ने करीब 25 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। कार्रवाई के दौरान मिलावटी लड्डू, बर्फी, हल्दी और कैंसरकारक रंग से तैयार खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। कारोबारियों को एफएसएसएआई नियमों का पालन करने और बिना लाइसेंस कारोबार नहीं करने की सख्त चेतावनी दी गई।

Koderma News : कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड स्थित बासोडीह बाजार में गुरुवार को खाद्य सुरक्षा विभाग और टोबैको कंट्रोल सेल की संयुक्त टीम ने व्यापक जांच अभियान चलाया। विभागीय निर्देश के तहत संचालित इस अभियान का उद्देश्य बाजार में बिक रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना तथा आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना था। जांच के दौरान करीब 25 खाद्य प्रतिष्ठानों, किराना दुकानों और फूड स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई स्थानों पर खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आया, जिसके बाद मौके पर ही बड़ी मात्रा में मिलावटी खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानों में उपलब्ध पैकेज्ड और डिब्बाबंद खाद्य उत्पादों की बारीकी से जांच की। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि सभी खाद्य उत्पादों पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि (यूज-बाय या एक्सपायरी डेट) तथा निर्माता का पूरा पता अंकित हो। अधिकारियों ने कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना आवश्यक विवरण वाले खाद्य उत्पादों की बिक्री किसी भी स्थिति में नहीं की जाए। यदि भविष्य में ऐसे उत्पादों की बिक्री करते हुए कोई व्यापारी पकड़ा गया तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्माता और विक्रेता दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जांच अभियान के दौरान विभिन्न फूड स्टॉलों पर बिक रहे चाट, छोले और चटनी में इस्तेमाल किए जा रहे रंग की भी जांच की गई। जांच में कई दुकानों पर कपड़ा रंगने में उपयोग किए जाने वाले औद्योगिक अखाद्य रंग के इस्तेमाल की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार का रंग मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है और लंबे समय तक सेवन करने पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसके बाद संबंधित दुकानों में मौजूद छोले और चटनी को तत्काल मौके पर ही नष्ट कराया गया ताकि यह सामग्री उपभोक्ताओं तक न पहुंच सके।

किराना दुकानों में खुले रूप से बिक रही हल्दी, नमकीन, डिब्बाबंद लड्डू और बर्फी की भी जांच की गई। जांच के दौरान कई खाद्य पदार्थों में कैंसरकारक अखाद्य रंग का उपयोग पाया गया। टीम ने विभिन्न दुकानों से लगभग 10 किलोग्राम मिलावटी लड्डू और बर्फी को जब्त कर मौके पर ही नष्ट कराया। अधिकारियों ने कारोबारियों को निर्देश दिया कि मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में केवल एफएसएसएआई द्वारा अनुमोदित फूड कलर का निर्धारित मात्रा में ही उपयोग किया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगली जांच में यदि मिलावटी मिठाइयों की बिक्री पाई गई तो संबंधित दुकानदारों पर आर्थिक दंड के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

कार्रवाई के दौरान एक किराना दुकान से लगभग 30 किलोग्राम मिलावटी हल्दी भी बरामद की गई। जांच में हल्दी की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर उसे जब्त कर नष्ट कराया गया। विभाग ने बताया कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मसालों में मिलावट सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर असर डालती है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कई खाद्य कारोबारी अब तक खाद्य लाइसेंस प्राप्त किए बिना ही व्यवसाय कर रहे हैं। ऐसे कारोबारियों को निर्देश दिया गया कि वे जल्द से जल्द नजदीकी प्रज्ञा केंद्र अथवा सदर अस्पताल, कोडरमा स्थित खाद्य सुरक्षा कार्यालय में आवेदन कर एफएसएसएआई लाइसेंस प्राप्त करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अगली जांच में बिना लाइसेंस कारोबार करते पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा। वहीं, गलत जानकारी देकर लाइसेंस प्राप्त करने वालों का लाइसेंस निलंबित करते हुए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त जांच टीम ने सभी दुकानदारों और फूड स्टॉल संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, स्वच्छता और हाइजीन का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने कहा कि ग्राहकों को केवल गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए। फूड स्टॉल, ठेला और कार्ट संचालकों को अपना फूड लाइसेंस सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि उपभोक्ताओं को यह जानकारी मिल सके कि संबंधित प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन कर रहा है।

इसके अलावा सभी खाद्य कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठानों में रखी एक्सपायरी, बासी अथवा सड़ी-गली खाद्य सामग्री को तुरंत नष्ट करने के निर्देश दिए गए। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और फूड स्टॉल संचालकों को विशेष रूप से कहा गया कि वे पनीर और खोआ जैसी संवेदनशील खाद्य सामग्री केवल विश्वसनीय एवं एफएसएसएआई लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों से ही खरीदें और खरीद के समय पक्का बिल अवश्य लें। इससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्रोत की पुष्टि की जा सकेगी।

अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया कि स्थानीय विक्रेताओं से खरीदी जाने वाली पैकेज्ड खाद्य सामग्री जैसे मसाले, नमकीन, मिक्सचर, लड्डू, सॉस, कैंडी, पानी की बोतल और कोल्ड ड्रिंक आदि खरीदते समय एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि तथा निर्माता का पूरा पता अवश्य जांचा जाए। साथ ही हर खरीद पर पक्का बिल लेना अनिवार्य बताया गया। विभाग का कहना है कि इन नियमों का पालन करने से मिलावटी और नकली खाद्य उत्पादों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में जिले के विभिन्न बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों में नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे। यदि किसी भी प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस संयुक्त जांच अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी कोडरमा-1 अभिषेक आनंद, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी कोडरमा-2 उमेश कुमार, जिला परामर्शी दीपेश कुमार, सतगावां थाना के पुलिसकर्मी तथा खाद्य सुरक्षा कार्यालय के डाटा एंट्री ऑपरेटर धर्म प्रसाद सहित अन्य कर्मियों ने भाग लिया। विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में मिलावटी अथवा संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय पर कार्रवाई कर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।