काके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में CM Hemant Soren से के. राजू, केशव महतो कमलेश, मंत्रियों और विधायकों ने की आत्मीय मुलाकात, TDPL परीक्षा रद्द करने सहित छात्र हित के निर्णयों की सराहना
झारखंड के CM Hemant Soren से कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, मंत्रियों और विधायकों ने रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने 17 अगस्त 2026 की विशेष कैबिनेट बैठक में छात्र हित में लिए गए निर्णयों, विशेष रूप से TDPL परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मंगलवार को झारखंड की राजनीति और छात्र हित से जुड़े एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से झारखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, राज्य सरकार के कई मंत्री तथा कांग्रेस विधायक शामिल रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य 17 अगस्त 2026 को झारखंड मंत्रालय में आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक में छात्र एवं अभ्यर्थियों के हित में लिए गए फैसलों के लिए CM Hemant Soren के प्रति आभार व्यक्त करना था। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जो निर्णय लिए हैं, वे लाखों विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आए हैं।
मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के निर्णय का स्वागत किया। उनका कहना था कि इस फैसले से उन हजारों विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी, जो परीक्षा प्रक्रिया को लेकर असमंजस और अनिश्चितता का सामना कर रहे थे।
प्रदेश प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने संयुक्त रूप से कहा कि राज्य सरकार ने यह निर्णय पूरी संवेदनशीलता के साथ लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि उनके नेतृत्व में झारखंड सरकार लगातार जनहित और विशेषकर युवाओं के हितों को प्राथमिकता दे रही है।
नेताओं ने यह भी कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, और कैबिनेट का यह फैसला उसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का धन्यवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार का मूल उद्देश्य झारखंड के युवाओं, विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और रोजगार से जुड़े हर विषय पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेती रही है और भविष्य में भी यही प्रतिबद्धता जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा,
“युवाओं का भविष्य किसी भी राज्य की सबसे बड़ी पूंजी है। सरकार हर उस निर्णय को प्राथमिकता देती है, जिससे विद्यार्थियों को न्याय मिले और उनके भविष्य पर किसी प्रकार का संकट न आए।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्र कल्याण से जुड़े मामलों में सरकार पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
बैठक केवल छात्र हित तक सीमित नहीं रही। मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के बीच राज्य में चल रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत संवाद हुआ।
सूत्रों के अनुसार, चर्चा में ग्रामीण विकास, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने जैसे विषय भी शामिल रहे। नेताओं ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी अपने सुझाव रखे।
कांग्रेस नेताओं ने विश्वास जताया कि गठबंधन सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में छात्र एवं युवा कल्याण से जुड़े और भी सकारात्मक फैसले लिए जाएंगे।
17 अगस्त 2026 को झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
इनमें सबसे चर्चित निर्णय TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने का रहा, जिसे व्यापक छात्र हित में लिया गया कदम माना जा रहा है। लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों और अभ्यर्थियों की चिंताओं को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया, जिससे भविष्य में नई एवं निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि युवाओं के प्रति सरकार की जवाबदेही का भी संदेश देता है।
मुलाकात के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विशेष कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय राज्य की जनभावनाओं के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सरकार की संवेदनशीलता झारखंड के युवाओं में विश्वास पैदा करेगी।
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि सरकार लगातार छात्र हित में कार्य कर रही है और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। वहीं प्रदेश प्रभारी के. राजू ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि गठबंधन सरकार जनता के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कई वरिष्ठ मंत्री और विधायक मौजूद रहे। प्रमुख रूप से उपस्थित नेताओं में शामिल थे:
- मंत्री इरफान अंसारी
- मंत्री दीपिका पांडेय सिंह
- मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की
- विधायक कल्पना सोरेन
- विधायक रामेश्वर उरांव
- विधायक प्रदीप यादव
- विधायक कुमार जयमंगल
- विधायक राजेश कच्छप
- विधायक रामचंद्र सिंह
- विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी
- विधायक भूषण बाड़ा
- विधायक ममता देवी
इसके अलावा कांग्रेस के अन्य जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब झारखंड में छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं का मुद्दा प्रमुख सार्वजनिक विषय बना हुआ है। सरकार द्वारा लिए गए फैसलों के समर्थन में कांग्रेस नेतृत्व का एकजुट होकर मुख्यमंत्री से मिलना गठबंधन की समन्वयात्मक राजनीति का भी संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार जल्द नई परीक्षा प्रक्रिया और पारदर्शी व्यवस्था लागू करती है, तो इससे युवाओं का भरोसा और मजबूत होगा। साथ ही यह संदेश भी जाएगा कि राज्य सरकार छात्र हित के मुद्दों पर त्वरित और संवेदनशील निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।
रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में हुई यह मुलाकात केवल औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन नहीं, बल्कि छात्र हित, जनकल्याण और विकास के मुद्दों पर सरकार एवं कांग्रेस नेतृत्व की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक रही। विशेष कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों, विशेषकर TDPL परीक्षा रद्द करने के फैसले को कांग्रेस ने ऐतिहासिक और राहतकारी कदम बताया, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं के भविष्य की रक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता दोहराई।









