Jharkhand News : झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में डिप्लोमा इन एविएशन एंड मैनेजमेंट के लिए चयन साक्षात्कार संपन्न, चयनित अभ्यर्थियों की प्रथम वरीयता सूची माह के अंतिम सप्ताह में जारी होने की संभावना
Jharkhand News : झारखंड के युवाओं के लिए विमानन क्षेत्र में करियर का नया अवसर सामने आया है। झारखंड सरकार के नागर विमानन विभाग के अंतर्गत संचालित झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में एयर होस्टेस, फ्लाइट स्टीवर्ड और ग्राउंड क्रू प्रशिक्षण की तैयारी पूरी हो गई है। डिप्लोमा इन एविएशन एंड मैनेजमेंट पाठ्यक्रम के लिए चयन साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और प्रशिक्षण अगले माह से शुरू होने की संभावना है।
झारखंड में अब युवाओं को एयर होस्टेस, फ्लाइट स्टीवर्ड और ग्राउंड क्रू जैसे रोजगारोन्मुखी विमानन प्रशिक्षण के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है। झारखंड सरकार के नागर विमानन विभाग के अंतर्गत संचालित झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के एयर होस्टेस एवं ग्राउंड क्रू ट्रेनिंग विभाग ने डिप्लोमा इन एविएशन एंड मैनेजमेंट पाठ्यक्रम के लिए चयन साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर ली है। संस्थान की ओर से मिली जानकारी के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम अगले माह से शुरू होने की संभावना है।
वर्षों के प्रयास के बाद राज्य में विमानन क्षेत्र से जुड़े व्यावसायिक प्रशिक्षण की शुरुआत को युवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे झारखंड के विद्यार्थियों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को एविएशन इंडस्ट्री में प्रवेश के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की परिकल्पना और मार्गदर्शन के अनुरूप आयोजित चयन साक्षात्कार में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। चयन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों के विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया गया। इसमें उनकी शैक्षणिक योग्यता, संचार कौशल, अंग्रेजी भाषा पर पकड़, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और विमानन क्षेत्र के प्रति रुचि को प्रमुख आधार बनाया गया।
संस्थान के अनुसार चयन प्रक्रिया को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा किया गया। चयन के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि प्रशिक्षण के लिए ऐसे अभ्यर्थियों का चयन किया जाए, जो विमानन उद्योग में काम करने के लिए आवश्यक व्यावसायिक और व्यवहारिक कौशल विकसित करने में सक्षम हों।
झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के प्रबंध निदेशक कैप्टन एस.पी. सिन्हा ने कहा कि देश में विमानन क्षेत्र लगातार विस्तार कर रहा है। एयरलाइंस और एयरपोर्ट से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे समय में झारखंड के युवाओं को राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण और व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को विमानन उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया जाएगा। एयर होस्टेस, फ्लाइट स्टीवर्ड और ग्राउंड क्रू के तौर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए एयरलाइंस, एयरपोर्ट, ग्राउंड हैंडलिंग, यात्री सेवा और एविएशन हॉस्पिटैलिटी सहित कई क्षेत्रों में करियर के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
कैप्टन एस.पी. सिन्हा के अनुसार संस्थान का उद्देश्य केवल युवाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान करना नहीं है। प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों में व्यावसायिक दक्षता, प्रभावी संचार क्षमता, अनुशासन, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और उद्योग-उन्मुख कौशल विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
विमानन उद्योग में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ यात्रियों से संवाद करने की क्षमता, व्यवहार, प्रस्तुति, समय की पाबंदी और टीम के साथ काम करने की दक्षता को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में प्रशिक्षण कार्यक्रम में इन व्यावहारिक पहलुओं को शामिल किया जाना युवाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की गतिविधियां केवल एयर होस्टेस और ग्राउंड क्रू प्रशिक्षण तक सीमित नहीं हैं। संस्थान की ओर से इससे पहले कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्रशिक्षण भी शुरू किया जा चुका है। अब एविएशन एंड मैनेजमेंट पाठ्यक्रम के माध्यम से विमानन क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण रोजगार विकल्पों के लिए युवाओं को तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
इससे झारखंड में विमानन शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र को विस्तार मिलने की उम्मीद है। राज्य में ही अलग-अलग एविएशन प्रोफाइल के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध होने से स्थानीय युवाओं को इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए बेहतर आधार मिल सकता है।
चयन साक्षात्कार पूरा होने के बाद अब अभ्यर्थियों को चयन सूची का इंतजार है। संस्थान की जानकारी के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों की प्रथम वरीयता सूची माह के अंतिम सप्ताह में झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाने की संभावना है।
चयनित अभ्यर्थियों को नामांकन और प्रशिक्षण से संबंधित आवश्यक जानकारी निर्धारित माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे संस्थान की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें और नामांकन से जुड़ी जानकारी के लिए निर्धारित माध्यमों का ही उपयोग करें।
विमानन क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों के बीच झारखंड में एयर होस्टेस और ग्राउंड क्रू प्रशिक्षण की शुरुआत को रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य के युवाओं को यदि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल और बेहतर मार्गदर्शन मिलता है, तो वे राष्ट्रीय स्तर की विमानन कंपनियों और एयरपोर्ट सेवाओं में करियर के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
हालांकि प्रशिक्षण के बाद रोजगार की उपलब्धता अभ्यर्थियों की योग्यता, प्रदर्शन और संबंधित एयरलाइंस या कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। ऐसे में युवाओं के लिए प्रशिक्षण के साथ-साथ भाषा दक्षता, व्यक्तित्व विकास और व्यावसायिक अनुशासन पर लगातार काम करना महत्वपूर्ण होगा।
झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की इस पहल से राज्य में एविएशन सेक्टर से जुड़ी शिक्षा और रोजगार के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ने की उम्मीद है। अब सभी की नजर चयनित अभ्यर्थियों की प्रथम वरीयता सूची और अगले माह प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत पर है।









