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Hemant Soren से IIT Mandi के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने की मुलाकात, AI, रोबोटिक्स और स्किल डेवलपमेंट पर हुई चर्चा

इस्कॉन रांची के 4 सितंबर को आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव में शामिल होने का मुख्यमंत्री Hemant Soren को दिया गया आमंत्रण

मुख्यमंत्री Hemant Soren से आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने रांची में मुलाकात की। युवाओं के स्किल डेवलपमेंट, एआई, रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीक के माध्यम से झारखंड की आर्थिक समृद्धि पर चर्चा हुई।

झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren से मंगलवार को कांके रोड, रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच राज्य में युवाओं के कौशल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई, रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से आर्थिक समृद्धि की संभावनाओं को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

मुलाकात के दौरान आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस्कॉन रांची द्वारा आगामी 4 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले श्री कृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव में सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया। यह विशेष आयोजन रांची के कटहल मोड़ स्थित क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा।

प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित होने वाले इस विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम की जानकारी दी। इस्कॉन रांची द्वारा आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजकों और इस्कॉन रांची से जुड़े सभी लोगों को अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आगामी जन्माष्टमी महोत्सव के सफल आयोजन की कामना भी की। मुख्यमंत्री ने भगवान श्री कृष्ण के संदेशों और उनके आदर्शों को भारतीय समाज की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष आयोजन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर इस्कॉन रांची के श्रीमान प्रदीप दास (पीआर) एवं श्रीमान सुधीर कृष्ण चैतन्य दास भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा के बीच हुई बातचीत का एक महत्वपूर्ण विषय राज्य के युवाओं का स्किल डेवलपमेंट रहा। तेजी से बदलते तकनीकी दौर में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए युवाओं को आधुनिक कौशल से लैस करना आवश्यक है।

बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों की शिक्षा एवं व्यावहारिक जानकारी युवाओं को नए क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकती है।

झारखंड जैसे राज्य में बड़ी युवा आबादी को ध्यान में रखते हुए तकनीकी कौशल विकास का विस्तार भविष्य में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उच्च शिक्षण संस्थानों, तकनीकी विशेषज्ञों और राज्य सरकार के बीच बेहतर सहयोग के माध्यम से युवाओं के लिए प्रशिक्षण, नवाचार और तकनीकी शिक्षा के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

बैठक के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की उपयोगिता पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एआई आज केवल सूचना प्रौद्योगिकी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, प्रशासन, अनुसंधान और व्यवसाय सहित अनेक क्षेत्रों में बढ़ रहा है।

झारखंड में भी एआई आधारित तकनीकों का उपयोग राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। डेटा आधारित निर्णय, आधुनिक डिजिटल सेवाएं और तकनीकी नवाचार भविष्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं।

बैठक में इस दिशा में युवाओं को तैयार करने और आधुनिक तकनीक की उपयोगिता को समझने पर जोर दिया गया। एआई के क्षेत्र में प्रशिक्षित युवा न केवल बड़ी कंपनियों और तकनीकी संस्थानों में रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि स्टार्टअप और नए उद्यमों के माध्यम से भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री और प्रो. बेहरा के बीच रोबोटिक्स की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। वर्तमान समय में रोबोटिक्स का उपयोग औद्योगिक उत्पादन, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि और विभिन्न तकनीकी कार्यों में लगातार बढ़ रहा है।

झारखंड एक प्रमुख औद्योगिक और खनिज संपन्न राज्य है। ऐसे में आधुनिक तकनीक और रोबोटिक्स का उपयोग भविष्य में उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मददगार हो सकता है। इसके साथ ही नई तकनीकों से संबंधित कौशल रखने वाले युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर तैयार हो सकते हैं।

तकनीकी प्रशिक्षण और शिक्षा के माध्यम से राज्य के युवाओं को रोबोटिक्स के क्षेत्र में दक्ष बनाया जा सकता है। स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थानों में आधुनिक प्रयोगशालाओं तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार भविष्य के लिए उपयोगी हो सकता है।

मुलाकात के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि किस प्रकार आधुनिक तकनीक के उपयोग से झारखंड की आर्थिक समृद्धि को नई गति दी जा सकती है। तकनीकी नवाचार से उद्योगों को मजबूत करने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और नए उद्यम विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

एआई, रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश से स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा मिल सकता है। तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले युवा अपने नए विचारों को व्यवसाय में बदल सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सकता है।

झारखंड में प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ मानव संसाधन की भी बड़ी क्षमता है। यदि युवाओं को समय की जरूरत के अनुसार आधुनिक और तकनीकी कौशल उपलब्ध कराया जाए, तो वे देश और दुनिया के बदलते रोजगार बाजार में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

आईआईटी मंडी देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल है और आधुनिक तकनीक, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। ऐसे में आईआईटी मंडी जैसे संस्थानों के अनुभव और विशेषज्ञता से झारखंड में तकनीकी शिक्षा तथा कौशल विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है।

उच्च शिक्षण संस्थानों और राज्य सरकार के बीच सहयोग से युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, तकनीकी कार्यशालाएं, शोध आधारित परियोजनाएं और नवाचार से जुड़े कार्यक्रम विकसित किए जा सकते हैं। इससे राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने के लिए एक बेहतर मंच मिल सकता है।

आज का दौर तेजी से बदलती तकनीक का दौर है। आने वाले समय में एआई, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन का प्रभाव रोजगार और उद्योगों पर और अधिक दिखाई देगा। ऐसे में युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी कौशल से भी लैस करना जरूरी है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आईआईटी मंडी के निदेशक की मुलाकात में हुई चर्चा इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि राज्य में स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी शिक्षा के लिए प्रभावी कार्यक्रम तैयार किए जाते हैं, तो इसका लाभ बड़ी संख्या में युवाओं को मिल सकता है।

रांची में हुई यह मुलाकात धार्मिक और सांस्कृतिक आमंत्रण के साथ-साथ झारखंड के तकनीकी भविष्य पर चर्चा का भी महत्वपूर्ण अवसर बनी। एक ओर मुख्यमंत्री को श्री कृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया, वहीं दूसरी ओर राज्य के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आर्थिक समृद्धि के नए अवसर तैयार करने पर विचार-विमर्श हुआ।

इस अवसर पर इस्कॉन रांची के श्रीमान प्रदीप दास (पीआर) और श्रीमान सुधीर कृष्ण चैतन्य दास भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने आगामी 4 सितंबर को आयोजित होने वाले श्री कृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव के लिए अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं।