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Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने की मुलाकात, AI और मशीन लर्निंग पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का दिया निमंत्रण

Jharkhand News : 8 सितंबर को रांची के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित होगी ‘Application of Artificial Intelligence and Machine Learning in Geology and Mining’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

Jharkhand News : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने झारखंड मंत्रालय में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री को आगामी 8 सितंबर 2026 को रांची स्थित रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित होने वाली एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया गया। यह संगोष्ठी “Application of Artificial Intelligence and Machine Learning in Geology and Mining” विषय पर आयोजित की जाएगी।

मुख्यमंत्री से हुई इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान खान एवं भूतत्व विभाग से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मौके पर निदेशक खान राहुल कुमार सिन्हा, जेएमसीएल के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन और निदेशक भूतत्व कुमार अमिताभ उपस्थित थे। सचिव अरवा राजकमल ने मुख्यमंत्री को प्रस्तावित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्देश्य, इसकी उपयोगिता और खनन एवं भू-विज्ञान के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा मशीन लर्निंग की बढ़ती भूमिका से संबंधित जानकारी दी।

AI और मशीन लर्निंग के उपयोग पर होगा मंथन

आगामी 8 सितंबर को आयोजित होने वाली यह राष्ट्रीय संगोष्ठी भू-विज्ञान और खनन क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रही आधुनिक तकनीकों पर केंद्रित होगी। संगोष्ठी का मुख्य विषय भू-विज्ञान और खनन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा मशीन लर्निंग का अनुप्रयोग रखा गया है। इसमें देशभर से संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों, तकनीकी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और खनन एवं भू-विज्ञान क्षेत्र से जुड़े लोगों के शामिल होने की संभावना है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकें आज कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। खनन और भू-विज्ञान जैसे तकनीकी क्षेत्रों में इनका उपयोग डेटा के बेहतर विश्लेषण, खनिज संसाधनों की पहचान, भूगर्भीय संरचनाओं के अध्ययन, जोखिम आकलन और विभिन्न प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में किया जा सकता है। राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान इन संभावनाओं और नई तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।

झारखंड देश के प्रमुख खनिज संपदा वाले राज्यों में शामिल है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, तांबा, बॉक्साइट और अन्य खनिज संसाधनों की उपलब्धता खनन क्षेत्र को महत्वपूर्ण बनाती है। ऐसे में आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग खनिज संसाधनों के बेहतर अध्ययन और वैज्ञानिक विश्लेषण में उपयोगी साबित हो सकता है।

भू-विज्ञान और खनन से जुड़े कार्यों में बड़ी मात्रा में डेटा का विश्लेषण करना पड़ता है। ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित तकनीकें जटिल आंकड़ों को समझने और भविष्य के संभावित रुझानों का आकलन करने में सहायक हो सकती हैं। संगोष्ठी के माध्यम से विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा कर सकते हैं कि किस प्रकार इन तकनीकों का उपयोग भूगर्भीय सर्वेक्षण, खनिज खोज, संसाधनों के आकलन और खनन क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं में किया जा सकता है।

खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की तिथि और आयोजन के विषय से अवगत कराया गया। संगोष्ठी का आयोजन 8 सितंबर 2026 को रांची के रेडिसन ब्लू होटल में किया जाएगा।

सौजन्य मुलाकात के दौरान विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता को और बढ़ा दिया। निदेशक खान राहुल कुमार सिन्हा, जेएमसीएल के एमडी वरुण रंजन और निदेशक भूतत्व कुमार अमिताभ भी इस अवसर पर मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में आगामी राष्ट्रीय संगोष्ठी से जुड़े विभिन्न विषयों और तैयारियों पर चर्चा हुई।

देश और दुनिया में खनन एवं भू-विज्ञान के क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बड़े और जटिल डेटा का विश्लेषण अधिक तेजी से किया जा सकता है, जबकि मशीन लर्निंग के माध्यम से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर पैटर्न और संभावित रुझानों की पहचान की जा सकती है।

भू-विज्ञान के क्षेत्र में भूगर्भीय आंकड़ों का विश्लेषण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से सर्वेक्षण और डेटा विश्लेषण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने की संभावनाओं पर विशेषज्ञ विचार करते हैं। वहीं खनन क्षेत्र में तकनीकी नवाचार से वैज्ञानिक अध्ययन और संसाधनों के आकलन के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।

रांची में होने वाली राष्ट्रीय संगोष्ठी में इन विषयों पर विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन नई तकनीकों, शोध और व्यावहारिक अनुभवों को एक मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय वर्तमान समय की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आज केवल सूचना प्रौद्योगिकी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका उपयोग वैज्ञानिक शोध और औद्योगिक क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है। भू-विज्ञान और खनन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इन तकनीकों के अनुप्रयोग पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा विशेषज्ञों के बीच विचारों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करेगी।

संगोष्ठी के दौरान आधुनिक तकनीकों से संबंधित शोध, नए प्रयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। साथ ही भू-विज्ञान और खनन के क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों की भूमिका को समझने और उनके व्यावहारिक उपयोग पर भी चर्चा की जा सकती है।

यह एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 8 सितंबर 2026 को रांची स्थित रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित होगी। कार्यक्रम में भू-विज्ञान, खनन और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की भागीदारी रहने की संभावना है। संगोष्ठी के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग को लेकर व्यापक मंथन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को आमंत्रण दिए जाने के साथ ही इस आयोजन को लेकर तैयारियां तेज होने की संभावना है। राज्य के खान एवं भूतत्व विभाग से जुड़े अधिकारी कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हुए हैं। यह संगोष्ठी झारखंड के खनन और भू-विज्ञान क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी सोच को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकती है।