Chatra News : जमीन के म्यूटेशन के नाम पर मांगी जा रही थी 30 हजार रुपये की रिश्वत, पहली किस्त लेते ही हजारीबाग ACB ने दबोचा
Chatra News : झारखंड के चतरा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ हजारीबाग एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। हजारीबाग एसीबी की टीम ने चतरा सदर अंचल में तैनात एक राजस्व कर्मचारी को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्व कर्मचारी की पहचान सतीश प्रसाद के रूप में हुई है। वह सदर अंचल के हल्का नंबर-7, दारियातू और लेम पंचायत क्षेत्र में राजस्व कर्मचारी के पद पर तैनात था।
बताया जा रहा है कि जमीन के म्यूटेशन यानी दाखिल-खारिज के लिए राजस्व कर्मचारी द्वारा शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया और आरोप सही पाए जाने के बाद पूरी योजना बनाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।

मिली जानकारी के अनुसार, गिद्धौर थाना क्षेत्र के नया खाप निवासी तुलसी यादव ने राजस्व कर्मचारी के खिलाफ हजारीबाग एसीबी में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सदर अंचल के हल्का नंबर-7 में तैनात राजस्व कर्मचारी सतीश प्रसाद जमीन के म्यूटेशन के लिए उनसे 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि जमीन से जुड़े दाखिल-खारिज के काम को आगे बढ़ाने और पूरा करने के लिए उनसे अवैध रूप से पैसे मांगे जा रहे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने शिकायत की जांच शुरू की।
शिकायत मिलने के बाद हजारीबाग एसीबी की टीम ने पूरे मामले को गोपनीय रखते हुए आरोपों का सत्यापन किया। एसीबी की जांच में रिश्वत मांगे जाने की बात सही पाई गई। इसके बाद टीम ने आरोपी राजस्व कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए जाल बिछाने की योजना तैयार की।
एसीबी की इस कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया, ताकि आरोपी को किसी तरह की भनक न लगे। इसके बाद शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर कर्मचारी के पास पहुंचने के लिए कहा गया।
एसीबी की योजना के मुताबिक मंगलवार दोपहर करीब 12:45 बजे शिकायतकर्ता तुलसी यादव रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये लेकर सदर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित कर्मचारी भवन पहुंचे।
बताया गया कि जैसे ही राजस्व कर्मचारी सतीश प्रसाद ने शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, पहले से सादे लिबास में वहां मौजूद हजारीबाग एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
अचानक हुई एसीबी की कार्रवाई से सदर प्रखंड और अंचल कार्यालय परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों के बीच भी इस कार्रवाई की चर्चा शुरू हो गई।
हजारीबाग एसीबी के एसपी आरिफ इकराम ने राजस्व कर्मचारी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गिद्धौर थाना क्षेत्र के नया खाप निवासी तुलसी यादव की लिखित शिकायत पर कार्रवाई की गई।
शिकायत में राजस्व कर्मचारी पर जमीन के म्यूटेशन के लिए 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। शिकायत के सत्यापन के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर एसीबी की टीम ने ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया और आरोपी को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
राजस्व कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करने के बाद एसीबी की टीम ने उसके कार्यालय में भी जांच की। टीम ने कार्यालय में रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और संबंधित अभिलेखों को खंगाला।
जमीन के म्यूटेशन और अन्य राजस्व मामलों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई। एसीबी की टीम ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया और जांच से संबंधित कार्रवाई पूरी की।
इस दौरान कार्यालय परिसर में काफी देर तक लोगों की आवाजाही और अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच कार्रवाई को लेकर चर्चा होती रही।
गिरफ्तारी और प्रारंभिक जांच की प्रक्रिया पूरी करने के बाद हजारीबाग एसीबी की टीम आरोपी राजस्व कर्मचारी सतीश प्रसाद को अपने साथ हजारीबाग ले गई।
जानकारी के अनुसार, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाएगा। मामले में एसीबी की आगे की जांच जारी है। जांच के दौरान रिश्वत मांगने और जमीन से संबंधित मामले में आरोपी की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा सकती है।
चतरा में एसीबी की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर जमीन, म्यूटेशन, दाखिल-खारिज और राजस्व से जुड़े मामलों में आम लोगों से रिश्वत मांगने की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं।
ऐसे में एसीबी द्वारा शिकायत मिलने के बाद उसका सत्यापन करना और फिर योजनाबद्ध तरीके से आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार करना महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में भी हड़कंप की स्थिति है। एसीबी की कार्रवाई से यह संदेश गया है कि सरकारी काम कराने के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ शिकायत मिलने पर जांच और कार्रवाई की जा सकती है।
जमीन की खरीद-बिक्री या किसी अन्य वैध हस्तांतरण के बाद राजस्व रिकॉर्ड में नए मालिक का नाम दर्ज करने की प्रक्रिया को आम तौर पर म्यूटेशन या दाखिल-खारिज कहा जाता है। यह प्रक्रिया जमीन के राजस्व रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए महत्वपूर्ण होती है।
इसी प्रक्रिया से जुड़े काम के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगने के बाद एसीबी ने यह कार्रवाई की है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
चतरा सदर अंचल में राजस्व कर्मचारी की गिरफ्तारी ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप और 15 हजार रुपये की पहली किस्त लेते रंगे हाथ गिरफ्तारी के बाद एसीबी की कार्रवाई की जिले में चर्चा है।
एसीबी अधिकारियों के मुताबिक शिकायत के सत्यापन के बाद यह ट्रैप ऑपरेशन किया गया। अब आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।









