Ramgarh News : श्रीराम पावर एंड स्टील समेत तीन औद्योगिक इकाइयों में हुए हादसों को लेकर पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने उठाए सवाल, 24 सितंबर तक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने पर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरने की घोषणा
Ramgarh News : रामगढ़ में औद्योगिक इकाइयों में हुए हादसों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग तेज हो गई है। पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने कहा है कि यदि 24 सितंबर 2026 तक संबंधित जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई, तो 25 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय परिसर में शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने भी श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट की जांच को लेकर विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है।
Ramgarh News : झारखंड के रामगढ़ जिले में औद्योगिक इकाइयों में हुए हादसों को लेकर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने कहा है कि श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट, झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड और मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात प्लांट से जुड़े हादसों की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अगस्त 2026 में बरकाकाना स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात प्लांट में हुए हादसे में तीन इंजीनियरों की /मौत/ हुई थी, जबकि एक कर्मचारी घायल हुआ था। वहीं, अगस्त में ही कुजू स्थित श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में फर्नेस ब्लास्ट की घटना में कई श्रमिक घायल हुए थे।

इन्हीं घटनाओं के बाद औद्योगिक सुरक्षा, प्रशासनिक जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से घोषणा की है कि यदि 24 सितंबर 2026 तक तीनों औद्योगिक हादसों से संबंधित जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो 25 सितंबर को रामगढ़ समाहरणालय में उपायुक्त कार्यालय के प्रवेश द्वार की सीढ़ियों पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा।
इससे पहले भी जांच रिपोर्ट को लेकर प्रशासन के समक्ष मांग उठाई गई थी। 19 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, चौधरी ने कहा था कि पहले धरने के दौरान प्रशासन की ओर से रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन रिपोर्ट उन्हें नहीं मिली।
श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट से जुड़े फर्नेस हादसे की जांच रिपोर्ट को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने भी सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सिन्हा ने उपायुक्त को पत्र लिखकर जांच को दोबारा व्यापक स्तर पर कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उपलब्ध जांच में अग्नि सुरक्षा से संबंधित बिंदु पर रिपोर्ट दी गई, जबकि अन्य निर्धारित बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
शंकर चौधरी का आरोप है कि प्रशासन की ओर से जांच कमेटी गठित किए जाने के बावजूद पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, इन आरोपों और प्रशासनिक प्रक्रिया पर संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
शंकर चौधरी ने श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट को लेकर यह भी सवाल उठाया है कि प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के बीच प्लांट का संचालन किस स्थिति में जारी है। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन, श्रमिकों की सुरक्षा और हादसों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
गौरतलब है कि 23 सितंबर को श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में कर्मचारियों के लिए सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है, जिसमें सुरक्षा मानकों और आपात स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।
पूर्व विधायक शंकर चौधरी का कहना है कि प्रस्तावित धरने का उद्देश्य टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि औद्योगिक हादसों की निष्पक्ष जांच, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक कराने की मांग को सामने रखना है।
अब निगाहें 24 सितंबर की समयसीमा और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि निर्धारित समय तक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होती है, तो 25 सितंबर को प्रस्तावित धरना रामगढ़ में औद्योगिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दे को एक बार फिर प्रमुखता से सामने ला सकता है।









