Koderma News : उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता के नाम से बनी फर्जी आईडी, लोगों से सतर्क रहने की अपील
Koderma News : उपायुक्त के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर भेजी जा रही फ्रेंड रिक्वेस्ट और संदेश, जिला प्रशासन ने नागरिकों से व्यक्तिगत व बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं करने को कहा।
Koderma News : कोडरमा में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाए जाने का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से इस तरह की फ्रेंड रिक्वेस्ट और संदेशों को नजरअंदाज करने, प्रोफाइल रिपोर्ट करने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस या साइबर थाना को देने की अपील की है।
Koderma News । सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों को सावधान करने वाला एक मामला सामने आया है। कोडरमा जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फेसबुक पर एक फर्जी आईडी बनाई गई है। इस आईडी से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजे जाने और अलग-अलग तरह के संदेश किए जाने की सूचना प्रशासन को मिली है।
जिला जनसम्पर्क कार्यालय की ओर से 24 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में नागरिकों को इस फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से सावधान रहने की अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपायुक्त की ओर से किसी नागरिक को व्यक्तिगत फेसबुक आईडी के माध्यम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने, आर्थिक सहायता या धनराशि से संबंधित अनुरोध करने अथवा व्यक्तिगत जानकारी मांगने की कोई प्रक्रिया नहीं है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें “उत्कर्ष गुप्ता आईएएस” नाम से किसी संदिग्ध फेसबुक प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट या संदेश प्राप्त होता है, तो उस पर भरोसा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक, संदेश या अनुरोध पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।
प्रशासन ने विशेष रूप से लोगों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी और बैंक संबंधी विवरण साझा नहीं करने की सलाह दी है। सोशल मीडिया पर किसी अधिकारी या सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर बनाई गई प्रोफाइल वास्तविक है या नहीं, इसकी पुष्टि किए बिना किसी प्रकार की बातचीत या लेनदेन से बचने की अपील की गई है।
यदि किसी नागरिक को इस तरह की संदिग्ध आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिलती है, तो उसे स्वीकार करने के बजाय Ignore करने की सलाह दी गई है। साथ ही संबंधित फेसबुक प्रोफाइल को Report करने की बात कही गई है।
प्रशासन के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को इस मामले में साइबर अपराध की आशंका होती है या उसके साथ किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि होती है, तो वह तत्काल नजदीकी थाना या साइबर थाना को इसकी सूचना दे सकता है। समय रहते शिकायत करने से मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
जिला प्रशासन ने बताया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें और किसी भी भ्रामक या संदिग्ध प्रोफाइल के झांसे में न आएं।
सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति के नाम, फोटो या पद का इस्तेमाल कर बनाई गई प्रोफाइल को देखकर उसे वास्तविक मान लेना जोखिमपूर्ण हो सकता है। ऐसे में किसी भी संदेश या अनुरोध पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।









