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Koderma Murder Case: KTPS तालाब के पास महिला की हत्या का खुलासा, पश्चिम बंगाल से आरोपी गिरफ्तार

Koderma Murder Case : जयनगर थाना क्षेत्र में 19 जुलाई को लापता हुई महिला का शव मिला था, न चश्मदीद था और न तकनीकी साक्ष्य; विशेष टीम ने दो महीने बाद आरोपी को कोडरमा रेलवे स्टेशन के बाहर से पकड़ा

Koderma Murder Case : कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र में जुलाई 2026 में हुई महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। KTPS परिसर स्थित तालाब के पास महिला का शव बरामद हुआ था। पुलिस के अनुसार मामले में कोई चश्मदीद और तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध नहीं था। विशेष टीम ने विभिन्न माध्यमों से मिली सूचनाओं के आधार पर पश्चिम बंगाल निवासी 31 वर्षीय विपुल चन्द वर्मण को 25 सितंबर को कोडरमा रेलवे स्टेशन के बाहर से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की है।

Koderma Murder Case : जयनगर थाना क्षेत्र में जुलाई 2026 में हुई एक महिला की हत्या के मामले में कोडरमा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस की ओर से 26 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला शुरू से ही चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि पुलिस के सामने न तो कोई प्रत्यक्षदर्शी था और न ही कोई तकनीकी साक्ष्य। इसके बावजूद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर मामले की जांच आगे बढ़ाई और करीब दो महीने बाद कथित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, जयनगर थाना में 21 जुलाई 2026 को एक महिला के लापता होने की लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। बताया गया था कि महिला मजदूरों के लिए खाना बनाने का काम करती थी और 19 जुलाई 2026 से उसका कोई पता नहीं चल रहा था। शिकायत के बाद पुलिस ने महिला की तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान 21 जुलाई को KTPS परिसर में स्थित एक तालाब के पास महिला का शव बरामद किया गया।

शव मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जयनगर थाना में कांड संख्या 137/2026 दर्ज किया गया और तत्काल अनुसंधान शुरू किया गया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि घटना को लेकर कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया था। साथ ही, पुलिस को ऐसा कोई तकनीकी साक्ष्य भी नहीं मिला था, जिसके आधार पर सीधे आरोपी तक पहुंचा जा सके।

पुलिस के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए कोडरमा पुलिस अधीक्षक ने जयनगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। जांच की प्रगति की पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं मॉनिटरिंग की जा रही थी।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने अलग-अलग मानवीय, तकनीकी और अन्य माध्यमों से सूचनाएं जुटाईं। पुलिस का कहना है कि इन्हीं सूचनाओं और प्राप्त आसूचना के आधार पर मामले में एक संदिग्ध तक पहुंच बनाई गई।

इसके बाद पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के हिली थाना क्षेत्र के तियोर कमरघाट गांव निवासी विपुल चन्द वर्मण, उम्र 31 वर्ष, को जांच के दायरे में लिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार अलग-अलग स्थानों पर घूम रहा था। जांच के दौरान पुलिस को उसकी गतिविधियों के संबंध में लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इसी क्रम में 25 सितंबर 2026 को पुलिस टीम ने आरोपी को कोडरमा रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित एक चाय की दुकान से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान विपुल चन्द वर्मण के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसके पिता का नाम चित्तरंजन वर्मण है और वह ग्राम तियोर कमरघाट, थाना हिली, जिला दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल का रहने वाला है।

पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने घटना को लेकर अपना स्वीकारोक्ति बयान दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि वह बांझेडीड पावर प्लांट में मजदूरी का काम करता था, जबकि मृतका वहां काम करने वाले मजदूरों के लिए खाना बनाने का काम करती थी।

पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई की शाम प्लांट परिसर में तालाब के पास दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी और विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान गुस्से में आरोपी ने महिला को तालाब के पानी में खींच लिया और उसका सिर पानी में डुबो दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी घबरा गया और वहां से निकलकर ट्रेन से मुंबई चला गया। इसके बाद वह देश के अलग-अलग स्थानों पर घूमता रहा।

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि घटना के बाद पुलिस के पास आरोपी तक पहुंचने के लिए कोई प्रत्यक्षदर्शी या स्पष्ट तकनीकी साक्ष्य नहीं था। ऐसे में पुलिस ने सूचना तंत्र और अन्य जांच माध्यमों का सहारा लिया।

पुलिस का दावा है कि आरोपी के लगातार स्थान बदलने के बावजूद उसकी गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं जुटाई जाती रहीं। इसी सूचना तंत्र के आधार पर अंततः पुलिस टीम आरोपी तक पहुंचने में सफल हुई।

25 सितंबर को गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। हालांकि, हत्या की घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी पुलिस अनुसंधान का हिस्सा है।

इस कार्रवाई में जयनगर थाना प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक सौरभ कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, छापामारी दल में जयनगर थाना के सशस्त्र आरक्षी भी शामिल थे।

पुलिस के इस खुलासे के बाद अब मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध तथ्यों, आरोपी के बयान और अन्य जांच बिंदुओं के आधार पर मामले से जुड़े पहलुओं को सत्यापित किया जा रहा है।