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Koderma News : कोडरमा में SIR और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस का प्रतिवाद मार्च, स्वतंत्र समीक्षा की मांग

Koderma News : जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रजक ने कहा—मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और उचित सत्यापन जरूरी

Koderma News : कोडरमा में जिला कांग्रेस कमेटी ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में बदलाव और निर्वाचन आयोग की IT प्रणाली से जुड़े सवालों को लेकर प्रतिवाद मार्च निकाला। कांग्रेस नेताओं ने इन मुद्दों की स्वतंत्र समीक्षा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त से संबंधित लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

Koderma News : निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े मुद्दों को लेकर कोडरमा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से सोमवार को प्रतिवाद मार्च निकाला गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल के निर्देश तथा झारखंड प्रभारी के. राजू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस के पदाधिकारी, विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, प्रखंड एवं मंडल अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रतिवाद मार्च की शुरुआत कोडरमा स्थित अंबेडकर पार्क से हुई। मार्च विभिन्न मार्गों से होते हुए जिला समाहरणालय पहुंचा, जहां यह सभा में परिवर्तित हो गया। सभा की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रजक ने की। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों को उठाया।

सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रजक ने कहा कि मतदाता सूची और निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया लोकतंत्र की बुनियाद हैं। उनके अनुसार, SIR के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, उचित सत्यापन और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए।

प्रकाश रजक ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र नागरिक का मताधिकार प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह का बदलाव स्पष्ट नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए, ताकि नागरिकों के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर विश्वास बना रहे।

उन्होंने निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रक्रिया, SIR, मतदाता सूची में किए गए बदलाव तथा निर्वाचन आयोग की IT प्रणाली और डेटा प्रबंधन से जुड़े सवालों की स्वतंत्र एवं व्यापक समीक्षा की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। प्रकाश रजक ने अपने संबोधन में एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने पिछले दस महीनों के दौरान चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न निर्णयों पर कम-से-कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की थी।

कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े ऐसे मुद्दों की स्वतंत्र समीक्षा कराए जाने से संस्थागत पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया जा सकता है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और जनता के विश्वास को मजबूत करने पर जोर दिया।

हालांकि, कार्यक्रम में उठाए गए ये बिंदु कांग्रेस की ओर से रखी गई मांगों और दावों के रूप में सामने आए हैं।

प्रकाश रजक ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की भी व्यापक समीक्षा होनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं संस्थागत जवाबदेही लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इसी आधार पर पार्टी ने आरोपों और निर्णयों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग उठाई।

प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट मनीष राज ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR सीधे नागरिकों के मताधिकार से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के दौरान पर्याप्त सत्यापन किया जाना चाहिए।

उन्होंने नागरिकों को प्रभावी आपत्ति दर्ज कराने और सुनवाई का अवसर दिए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, मतदाता सूची में किसी नागरिक के नाम से संबंधित निर्णय स्पष्ट नियमों और उचित प्रक्रिया के तहत होना चाहिए।

मनीष राज ने निर्वाचन आयोग की IT प्रणाली और डेटा प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं की स्वतंत्र तकनीकी एवं संस्थागत समीक्षा की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले डेटा और तकनीकी प्रणालियों की विश्वसनीयता को लेकर पारदर्शी प्रक्रिया आवश्यक है।

प्रतिवाद मार्च के बाद कांग्रेस नेताओं ने कोडरमा उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें रखी गईं।

कांग्रेस की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई। इसके अलावा उनके कार्यकाल में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की समीक्षा, SIR के तहत मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा तथा निर्वाचन आयोग की IT प्रणाली एवं डेटा प्रबंधन की समीक्षा की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया में किसी भी पात्र नागरिक का अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए और इसके लिए स्पष्ट नियम, सत्यापन और जवाबदेही की व्यवस्था जरूरी है।

कार्यक्रम में प्रदेश सचिव मनोज सहाय उर्फ पिंकू, जिला उपाध्यक्ष दशरथ पासवान, अनिल दास, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सचिव संतोष यादव, ओबीसी जिला अध्यक्ष सुभाष सिंह यादव, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अशरफ अली, महिला कांग्रेस अध्यक्ष बेबी सिन्हा, 20 सूत्री जिला उपाध्यक्ष लीलावती मेहता, सेवादल प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह, डॉ. कैलाश राम, संजय सेठ, प्रमोद बरनवाल, कयूमुद्दीन, अनिल यादव, चांद आलम, अजय कृष्णा, विजय सिंह, राजेंद्र सिंह, मोहम्मद गुलजार सहित कई कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इसके अलावा मिथुन सिंह, संजय, प्रदीप सिंह, मोहम्मद कासिम, संजय वर्मा, साउद खान, पप्पू दास, सैयद नसीम, रफीक मियां, प्रभात कुमार राम, सचिन वर्मा, बाल गोविंद पांडे, ललिता देवी, सलिना खातून, रिमझिम देवी, रूपा देवी, रेखा देवी, कंचन देवी, द्रोपती देवी, पुष्पा देवी, मधु देवी, बसंती देवी, प्रमिला देवी और गीत देवी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन कार्यक्रम में शामिल हुए।

कुल मिलाकर, कोडरमा में आयोजित इस प्रतिवाद मार्च के जरिए कांग्रेस ने SIR, मतदाता सूची में बदलाव, निर्वाचन आयोग की IT प्रणाली और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर स्वतंत्र समीक्षा की मांग को प्रमुखता से उठाया। अब इन मांगों पर संबंधित संवैधानिक एवं प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।