Koderma News : झुमरी तिलैया के मास्टर मोहल्ला में रास्ते की जमीन को लेकर हुआ था विवाद, इलाज के दौरान संजय सिंह की हुई थी मौत; अदालत ने 16 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला।
Koderma News : कोडरमा के बहुचर्चित संजय सिंह हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला वर्ष 2023 में रास्ते की जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद मारपीट और संजय सिंह की मौत से जुड़ा है।
Koderma News : झुमरी तिलैया के बहुचर्चित संजय सिंह हत्याकांड में अदालत ने करीब तीन साल पुराने मामले में अपना फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने मंगलवार को मामले की सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी राज कपूर, प्रेम कपूर और सोनू कुमार यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाया।
अदालत ने तीनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में प्रत्येक को तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इस फैसले के बाद लंबे समय से चल रहे इस चर्चित हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण का समापन हुआ।
मामले में अदालत ने इससे पहले 26 सितंबर को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई और अदालत ने तीनों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
दोषी पाए गए आरोपियों में राज कपूर, पिता कैलाश प्रसाद यादव, प्रेम कपूर, पिता कैलाश प्रसाद यादव, दोनों मास्टर मोहल्ला, गांधी स्कूल, झुमरी तिलैया निवासी बताए गए हैं। तीसरा आरोपी उनका फुफेरा भाई सोनू कुमार यादव है।
मामले की सुनवाई ST-99/2024 के तहत हुई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण के बाद आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी माना।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कुल 16 गवाहों का परीक्षण कराया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को प्रस्तुत किया।
लोक अभियोजक ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत से आरोपियों को अधिकतम सजा देने का आग्रह किया। वहीं, सूचक पक्ष की ओर से अधिवक्ता अरुण कुमार ने अपना पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनवर हुसैन ने अदालत में दलीलें पेश कीं।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और गवाहों तथा उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
यह मामला 14 दिसंबर 2023 का है। झुमरी तिलैया के गांधी स्कूल रोड स्थित मास्टर मोहल्ला निवासी संजय सिंह, पिता गीता प्रसाद सिंह, का आरोपियों के साथ करीब ढाई फीट रास्ते की जमीन को लेकर विवाद हुआ था।
बताया गया कि रास्ते की जमीन को लेकर विवाद बढ़ गया और इसी दौरान संजय सिंह के साथ मारपीट की गई। आरोप के अनुसार, मारपीट के दौरान उनके सिर पर लोहे की रॉड से वार किया गया। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद संजय सिंह की हालत बिगड़ गई।
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल संजय सिंह को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। उनकी स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया। रांची में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
इलाज के दौरान 20 दिसंबर 2023 को संजय सिंह की मौत हो गई। संजय सिंह की मौत के बाद पहले दर्ज मारपीट से जुड़े मामले में हत्या की धारा जोड़ी गई और मामला हत्या के मुकदमे में तब्दील हो गया।
घटना को लेकर संगीता देवी ने तिलैया थाना में थाना कांड संख्या 289/2023 दर्ज कराया था। पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामला अदालत तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के माध्यम से अपना पक्ष रखा।
यह मामला शुरुआत से ही झुमरी तिलैया और कोडरमा जिले में चर्चा में रहा था। जमीन के छोटे से हिस्से को लेकर शुरू हुआ विवाद गंभीर मारपीट और बाद में हत्या के मामले में बदल गया।
संजय सिंह की मौत के बाद परिवार और मामले से जुड़े पक्षों के लिए न्यायिक प्रक्रिया लंबी रही। अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से लगातार दलीलें पेश की गईं। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने 26 सितंबर को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। मंगलवार को अदालत ने तीनों आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
इस फैसले के साथ ही वर्ष 2023 में सामने आए इस चर्चित हत्याकांड में निचली अदालत की सुनवाई का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया।









