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Dhanbad News : धनबाद रेल मंडल के TTE अमित कुमार पंडित ने पेश की ईमानदारी की मिसाल, महिला यात्री का खोया पर्स सुरक्षित लौटाने की पहल

Megha Sinha

Dhanbad News : जसीडीह स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान बी-1 कोच में मिला पर्स, ₹22,110 नकद, सोने का मंगलसूत्र, मोबाइल फोन और नेपाली मुद्रा सुरक्षित आरपीएफ को सौंपी गई।

Dhanbad News : धनबाद रेल मंडल के टीटीई अमित कुमार पंडित ने ट्रेन संख्या 08662 में महिला यात्री का खोया पर्स मिलने पर ईमानदारी दिखाई। पर्स में ₹22,110 नकद, मोबाइल, सोने का मंगलसूत्र और नेपाली मुद्रा थी। रेलवे ने यात्री से संपर्क कर पर्स वापस दिलाने की प्रक्रिया की जानकारी दी।

Dhanbad News : भारतीय रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के साथ-साथ कर्मचारियों की ईमानदारी भी रेल सेवा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल धनबाद रेल मंडल में कार्यरत टिकट जांच कर्मचारी अमित कुमार पंडित ने पेश की है। ट्रेन में टिकट जांच के दौरान एक महिला यात्री का पर्स मिलने पर उन्होंने उसे अपने पास रखने के बजाय सुरक्षित रूप से रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को सौंप दिया। उनके इस कदम की धनबाद रेल मंडल ने सराहना की है।

रेलवे की ओर से 23 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह घटना 22 अक्टूबर 2026 की है। उस दिन धनबाद मंडल में कार्यरत टीटीई अमित कुमार पंडित ट्रेन संख्या 08662 अलीपुरद्वार-रांची स्पेशल में टिकट जांच कर रहे थे। इसी दौरान जसीडीह स्टेशन पर ट्रेन के बी-1 कोच में उन्हें एक महिला यात्री का पर्स मिला।

पर्स में नकदी और कीमती सामान होने के बावजूद उन्होंने जिम्मेदारी का परिचय दिया और उसे सुरक्षित रखने के बाद रेलवे सुरक्षा बल को सौंप दिया।

रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, महिला यात्री के पर्स में कई महत्वपूर्ण और कीमती सामान मौजूद थे। इनमें भारतीय मुद्रा, मोबाइल फोन, सोने का मंगलसूत्र और कुछ नेपाली मुद्रा शामिल थी।

पर्स में रखे सामान का विवरण इस प्रकार है:

  • भारतीय मुद्रा: ₹22,110
  • मोबाइल फोन: एक
  • सोने का मंगलसूत्र: एक
  • नेपाली मुद्रा: कुछ नेपाली रुपये

किसी यात्री का पर्स खो जाना अपने आप में चिंता का विषय होता है। यदि पर्स में नकदी, मोबाइल फोन और आभूषण जैसे जरूरी सामान हों, तो परेशानी और भी बढ़ जाती है। ऐसे में पर्स मिलने पर संबंधित व्यक्ति तक उसे सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हो जाती है।

टीटीई अमित कुमार पंडित ने पर्स को सुरक्षित रूप से रेलवे सुरक्षा बल को सौंपकर इसी जिम्मेदारी का निर्वहन किया। उनका यह कदम यात्रियों के सामान की सुरक्षा के प्रति सजगता और ईमानदारी को दर्शाता है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अमित कुमार पंडित ने महिला यात्री का पर्स चित्तरंजन में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को सुरक्षित रूप से सुपुर्द किया। इस प्रक्रिया के दौरान पर्स में मौजूद सभी सामान का विवरण भी दर्ज किया गया।

रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए बॉडी कैमरे में पर्स के अंदर रखे सामान का वीडियो रिकॉर्ड किया गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य सामान के विवरण को दर्ज रखना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना था।

रेलवे कर्मचारियों के लिए यात्रियों के खोए हुए सामान को सुरक्षित रखना और उचित प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद करना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इस मामले में भी पर्स में मौजूद सामान का विवरण रिकॉर्ड किया गया, जिससे सामान की पहचान और वापसी की प्रक्रिया में सहायता मिल सके।

पर्स मिलने के बाद रेलवे कर्मचारी ने केवल उसे आरपीएफ को सौंपने तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी। रेलवे की ओर से उपलब्ध टैब की सहायता से संबंधित महिला यात्री का मोबाइल नंबर प्राप्त किया गया और उनसे संपर्क स्थापित किया गया।

महिला यात्री को उनका पर्स वापस प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। इस तरह रेलवे की ओर से पर्स को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उसे उसकी वास्तविक मालिक तक पहुंचाने की दिशा में भी कदम उठाया गया।

हालांकि, जारी प्रेस विज्ञप्ति में महिला यात्री की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। साथ ही, पर्स उन्हें सौंपे जाने की अंतिम पुष्टि भी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यही कहा जा सकता है कि पर्स आरपीएफ को सौंप दिया गया और महिला यात्री से संपर्क कर वापसी की प्रक्रिया समझाई गई।

रेलवे में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। लंबी दूरी की यात्रा, भीड़ और जल्दबाजी के दौरान कई बार यात्री अपना सामान ट्रेन में भूल जाते हैं। ऐसे मामलों में रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और जिम्मेदारी यात्रियों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है।

अमित कुमार पंडित का यह कार्य इस बात का उदाहरण है कि सरकारी सेवा में अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाना कितना महत्वपूर्ण है। पर्स में रखी नकदी और कीमती सामान को सुरक्षित रूप से संबंधित व्यवस्था के हवाले करना उनके कर्तव्यनिष्ठ व्यवहार को दर्शाता है।

हालांकि, किसी कर्मचारी की ईमानदारी का महत्व केवल सामान की कीमत से तय नहीं होता। यात्रियों का भरोसा, उनकी निजी वस्तुओं की सुरक्षा और जिम्मेदार कार्यप्रणाली भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। रेलवे जैसी बड़ी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में ऐसे व्यवहार से यात्रियों का विश्वास मजबूत होता है।

धनबाद रेल मंडल ने अमित कुमार पंडित के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है। रेलवे की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि उनका व्यवहार रेलवे कर्मचारियों की ईमानदारी, जिम्मेदारी और यात्री सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रेस विज्ञप्ति मनीष सौरभ, वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं वरीय जनसंपर्क अधिकारी, धनबाद की ओर से जारी की गई है।

रेलवे प्रशासन ने अपने कर्मचारियों के ऐसे कर्तव्यनिष्ठ कार्यों की सराहना करते हुए उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। इस घटना के माध्यम से यात्रियों के सामान की सुरक्षा, पारदर्शी प्रक्रिया और जिम्मेदार सेवा के महत्व को भी रेखांकित किया गया है।

रेलवे में यात्रा करते समय यात्रियों को भी अपने सामान के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। स्टेशन पर उतरने से पहले सीट, सामान रखने की जगह और आसपास के हिस्सों की जांच करना उपयोगी होता है। मोबाइल फोन, पर्स, आभूषण और जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए।

यदि किसी यात्री का सामान ट्रेन में छूट जाता है, तो उसे जल्द से जल्द रेलवे कर्मचारियों या रेलवे सुरक्षा बल से संपर्क करना चाहिए। सामान मिलने की स्थिति में उसकी पहचान और वापसी के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।

धनबाद रेल मंडल में सामने आई यह घटना बताती है कि सार्वजनिक सेवा में ईमानदारी और जिम्मेदारी का महत्व आज भी कायम है। टीटीई अमित कुमार पंडित ने महिला यात्री का पर्स सुरक्षित रूप से आरपीएफ को सौंपकर एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।