Jharkhand News : डोड़मा स्थित लिटिल फ्लॉवर इंग्लिश मीडियम स्कूल में वार्षिक समारोह एवं साइंस, आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी-2026 का आयोजन, विद्यार्थियों के विज्ञान मॉडल और रचनात्मक कलाकृतियों को विधायक ने सराहा।
तोरपा के डोड़मा स्थित लिटिल फ्लॉवर इंग्लिश मीडियम स्कूल में वार्षिक समारोह एवं साइंस, आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी-2026 आयोजित हुई। मुख्य अतिथि विधायक सुदीप गुड़िया ने बच्चों की प्रतिभा, वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता की सराहना करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
Jharkhand News : शिक्षा केवल किताबों में लिखे पाठों को याद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने, उनकी कल्पनाशीलता को दिशा देने और उन्हें कुछ नया करने के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी है। जब शिक्षा के साथ विज्ञान, कला और रचनात्मकता का समावेश होता है, तो बच्चों को अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने के साथ-साथ नई संभावनाओं को तलाशने का अवसर मिलता है। इसी सोच को साकार करता नजर आया तोरपा के डोड़मा स्थित लिटिल फ्लॉवर इंग्लिश मीडियम स्कूल में आयोजित वार्षिक समारोह एवं साइंस, आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी-2026।

इस विशेष शैक्षणिक आयोजन में तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न विज्ञान मॉडलों, कलाकृतियों और क्राफ्ट से जुड़ी रचनात्मक प्रस्तुतियों का अवलोकन किया। बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता, मेहनत और तकनीकी समझ के माध्यम से अलग-अलग विषयों पर आकर्षक मॉडल और कलाकृतियां तैयार की थीं। विधायक ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनकी प्रतिभा और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित किया।
स्कूल में आयोजित साइंस, आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित न रखते हुए व्यावहारिक ज्ञान और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना रहा। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी सोच को वास्तविक स्वरूप देने, नए प्रयोग करने और अपनी प्रतिभा को दूसरों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडल यह दर्शाते हैं कि बच्चे अपने आसपास की दुनिया को किस तरह समझने और उसमें मौजूद समस्याओं के समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, आर्ट और क्राफ्ट की प्रस्तुतियों ने उनकी कलात्मक सोच, कल्पनाशक्ति और मेहनत को प्रदर्शित किया।
विधायक सुदीप गुड़िया ने बच्चों की इन प्रस्तुतियों को देखकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए ऐसे अवसर मिलना जरूरी है। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी रुचि के अनुसार नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुदीप गुड़िया ने विद्यालय प्रबंधन समिति और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता, अच्छे संस्कार और नई सोच विकसित करना भी है।

उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई कराने का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है। एक बेहतर विद्यालय वही है, जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की भी सीख मिले।
विधायक ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन शिक्षा की ज्योति जलाकर समाज को ज्ञान और प्रकाश की राह दिखाने का सराहनीय कार्य कर रहा है। बच्चों में अनुशासन, संस्कार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विकास करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। इस दिशा में स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने शिक्षकों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि एक शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा नहीं करता, बल्कि वह बच्चों के विचारों, व्यवहार और भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाता है।
विधायक सुदीप गुड़िया ने अपने संबोधन में विज्ञान, कला और क्राफ्ट के आपसी संबंधों को बेहद सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि विज्ञान हमें सोचने, सवाल पूछने और नई संभावनाओं को तलाशने की शक्ति देता है, जबकि कला और क्राफ्ट उस सोच को आकार देकर वास्तविकता में बदलने का काम करते हैं।
उन्होंने स्मार्टफोन का उदाहरण देते हुए बच्चों को समझाया कि आज हमारे हाथों में मौजूद एक छोटा-सा स्मार्टफोन विज्ञान, तकनीकी ज्ञान, डिजाइन और रचनात्मकता के अद्भुत समन्वय का परिणाम है। इसके निर्माण के पीछे वैज्ञानिक खोज, इंजीनियरिंग, तकनीक और कलात्मक सोच की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि जब विज्ञान, कला और क्राफ्ट एक साथ मिलते हैं, तो नए आविष्कारों और संभावनाओं का रास्ता खुलता है। यह किसी जादू से कम नहीं है। इसलिए बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान हासिल करने के बजाय अपने आसपास की चीजों को समझने, सवाल पूछने और प्रयोग करने की आदत विकसित करनी चाहिए।
विधायक का यह संदेश विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति जिज्ञासु बनने और अपनी रचनात्मक क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करने वाला रहा।
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही देश और समाज के भावी कर्णधार हैं। आने वाले समय में इन्हीं के हाथों में समाज और राष्ट्र की जिम्मेदारियां होंगी। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी पढ़ाई पूरी लगन और मेहनत के साथ करनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और अनुशासन के साथ लगातार उस दिशा में आगे बढ़ते रहें। अपने समय और ऊर्जा का सही उपयोग करें तथा बुरी संगति से दूर रहें।
विधायक ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प ही सफलता की असली कुंजी हैं। जीवन में चुनौतियां आना स्वाभाविक है, लेकिन जो विद्यार्थी कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत करना नहीं छोड़ते, वे अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने बच्चों को अपनी रुचियों और क्षमताओं को पहचानने तथा पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

