Jamshedpur News : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परिजनों संग Chandil Dam का किया भ्रमण, इको-टूरिज्म, बोटिंग, पर्यटकों की सुरक्षा और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर। पर्यावरण संरक्षण के साथ क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सस्टेनेबल ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश।
Jamshedpur News : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने Chandil Dam को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। अधिकारियों को पर्यटन सुविधाओं, बोटिंग, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार बढ़ाने के निर्देश दिए।
Jamshedpur News : झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान दिलाने की दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने Chandil Dam के विकास को लेकर महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार, 03 नवंबर 2026 को अपने परिजनों के साथ सरायकेला-खरसावां जिले के प्रसिद्ध चांडिल डैम का भ्रमण किया। इस दौरान वे डैम की विहंगम प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण से अभिभूत नजर आए। मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए जिला प्रशासन को पर्यटन संवर्धन और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 354/2026 के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन परिजनों के साथ धातकीडीह जाने के क्रम में चांडिल डैम पहुंचे थे। भ्रमण के दौरान उन्होंने इस प्राकृतिक धरोहर की सुंदरता का आनंद लिया और इसके पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों के साथ चर्चा की।

मुख्यमंत्री का मानना है कि झारखंड में प्राकृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का बेहतर उपयोग कर राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है। चांडिल डैम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में उभर सकता है।
चांडिल डैम झारखंड के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां का शांत वातावरण, जलाशय और आसपास का प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए इसे राज्य के पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की।
डैम परिसर के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह के साथ पर्यटन विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चांडिल डैम के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम के बहुआयामी विकास, पर्यटन संवर्धन, जल प्रबंधन और चांडिल परियोजना के कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही बिजली उत्पादन एवं संवर्धन से संबंधित पहलुओं पर भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य चांडिल डैम को केवल एक प्राकृतिक स्थल तक सीमित न रखकर इसे पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चांडिल डैम में इको-टूरिज्म की संभावनाओं को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में प्रकृति आधारित पर्यटन गतिविधियों को विकसित कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
इको-टूरिज्म का उद्देश्य प्राकृतिक वातावरण और पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना है। चांडिल डैम जैसे प्राकृतिक स्थलों पर इस मॉडल को अपनाने से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सकता है, वहीं स्थानीय समुदायों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार की संभावना बन सकती है।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्त को निर्देश दिया कि यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। डैम परिसर में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ नौकायन यानी बोटिंग की व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाया जाए।
पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। बोटिंग, पर्यटन सेवाओं, स्थानीय उत्पादों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
हालांकि, इन संभावनाओं को वास्तविक रोजगार में बदलने के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी, प्रशिक्षण और व्यवस्थित पर्यटन प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा।
चांडिल डैम के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डैम और उसके आसपास के क्षेत्र के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक तथा पर्यावरण-अनुकूल ब्लूप्रिंट तैयार किया जाए।

मुख्यमंत्री की इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करना है। पर्यटन विकास के दौरान पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए योजनाओं को वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से तैयार करने की आवश्यकता होगी।
चांडिल डैम जैसे प्राकृतिक क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ जलाशय की स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और स्थानीय पारिस्थितिकी की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है।
ऐसे में सस्टेनेबल ब्लूप्रिंट क्षेत्र के विकास को दीर्घकालिक दिशा प्रदान कर सकता है। इससे पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चांडिल डैम के विकास की योजनाओं में पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने भ्रमण के दौरान चांडिल परियोजना से जुड़े कार्यों में गति प्रदान करने पर भी जोर दिया। उन्होंने जल प्रबंधन, पर्यटन संवर्धन और परियोजना के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
चांडिल डैम का समग्र विकास पर्यटन के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास के अन्य पहलुओं से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए प्रशासन को विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता होगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि पर्यटन विकास के लिए आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के चांडिल डैम भ्रमण के दौरान उनकी धर्मपत्नी सह विधायक कल्पना सोरेन, विधायक सविता महतो और विधायक सोमेश चंद्र सोरेन उपस्थित रहे।
इसके अलावा कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम, सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, चांडिल के एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद थे।
अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के पर्यटन विकास और संबंधित योजनाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

