Jharkhand News : रांची पूर्व, रांची पश्चिम और खूंटी प्रमंडल की योजनाओं की समीक्षा, SVS योजनाओं की जांच के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर कमिटी गठित करने का निर्देश, 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया।
Jharkhand News : झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने जल जीवन मिशन की योजनाओं की समीक्षा करते हुए लापरवाह संवेदकों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। SVS योजनाओं की जांच 15 दिनों में पूरी होगी और दिसंबर 2026 तक सभी क्लस्टर योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
Jharkhand News : झारखंड में पेयजलापूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी और कार्यों में शिथिलता को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में रांची स्थित विश्वा सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रांची पूर्व, रांची पश्चिम और खूंटी प्रमंडल में जल जीवन मिशन के तहत संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों, सिंगल विलेज स्कीम (SVS), पेयजलापूर्ति व्यवस्था और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। विभागीय अधिकारियों के साथ संबंधित संवेदकों से भी योजनावार कार्यों की स्थिति की जानकारी ली गई।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट किया कि पेयजल योजनाएं आमजन की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हैं। ऐसे में इनके क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही, अनावश्यक देरी या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और संवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने और योजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने का निर्देश दिया।
समीक्षा बैठक में सिंगल विलेज स्कीम (SVS) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की वास्तविक स्थिति को लेकर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने सभी SVS योजनाओं की जांच के लिए राज्य और जिला स्तर पर संयुक्त कमिटी गठित करने का निर्देश दिया।
कमिटी को संबंधित योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, वर्तमान स्थिति और संचालन से जुड़ी समस्याओं का आकलन करना होगा। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं।
मंत्री ने निर्देश दिया कि संयुक्त कमिटी सभी योजनाओं की जांच पूरी कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपे। रिपोर्ट में योजनाओं की वास्तविक स्थिति, कार्यों में मिली कमियां और सामने आई समस्याओं का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस जांच का उद्देश्य पेयजल योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने लाना और जिम्मेदार अधिकारियों तथा संवेदकों की जवाबदेही तय करना है।
बैठक में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट यानी जल शोधन संयंत्रों सहित पेयजलापूर्ति से जुड़ी अन्य आधारभूत संरचनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से निर्माण कार्यों, लंबित परियोजनाओं और संयंत्रों की कार्यशीलता से संबंधित अद्यतन जानकारी ली गई।
विभागीय सचिव अबु इमरान ने निर्देश दिया कि पेयजलापूर्ति से संबंधित संरचनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। जहां निर्माण कार्य अधूरे हैं या योजनाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है, वहां आवश्यक कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए।
उन्होंने योजनाओं की नियमित निगरानी, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच और आम लोगों को सुचारु पेयजल उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया।

समीक्षा के दौरान कई योजनाओं के निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप आगे नहीं बढ़ने और कार्यों में शिथिलता के मामलों को गंभीरता से लिया गया। विभाग ने ऐसे संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिनकी योजनाएं बंद पड़ी हैं या जिनके द्वारा कार्य समय पर पूरा नहीं किया गया है।
विभागीय सचिव अबु इमरान ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं को अनावश्यक रूप से लंबित रखना गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी निर्धारित करना जरूरी है।
कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि कार्य नहीं करने वाले संवेदकों को लीगल नोटिस जारी किया जाए और संविदा की शर्तों के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मंत्री ने अधिकारियों को यह भी कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
योजनाओं में देरी पर अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही
बैठक में केवल संवेदकों ही नहीं, बल्कि विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय करने पर जोर दिया गया। अभियान निदेशक शशि रंजन ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में लंबित योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और उन्हें समय-सीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन संवेदकों और अधिकारियों की जिम्मेदारी के बावजूद योजनाएं लंबित हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर लगातार निगरानी रखने, निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करने और संवेदकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में पेयजल योजनाओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण समय-सीमा भी निर्धारित की गई। सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि दिसंबर 2026 तक सभी क्लस्टर और SVS योजनाओं को पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही सभी बचे हुए गांवों में हर घर जल का सत्यापन जल्द से जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया गया। इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया गया, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुंच सके।
यह लक्ष्य विभाग के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि योजनाओं के निर्माण के साथ-साथ उनकी कार्यशीलता और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
बैठक में कार्यशील पेयजल योजनाओं के संचालन को लेकर भी चर्चा हुई। सभी कनीय और सहायक अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि वे ग्रामीणों के साथ बैठक करें और कार्यशील योजनाओं के लिए जल कर लेना सुनिश्चित करें।
इस निर्देश का उद्देश्य पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव को व्यवस्थित करना है। ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर योजनाओं की स्थिति, जलापूर्ति और संबंधित समस्याओं पर चर्चा करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की योजनाएं सीधे आमजन की मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़ी हैं। इन योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब लोगों को समय पर नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों और संवेदकों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि पेयजलापूर्ति से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और आम नागरिकों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी तरह की बाधा नहीं होनी चाहिए।
बैठक में सचिव अबु इमरान, विशेष सचिव, अभियान निदेशक जल जीवन मिशन शशि रंजन, अभियंता प्रमुख निरंजन कुमार, रांची के उप विकास आयुक्त, खूंटी के उप विकास आयुक्त, मुख्य अभियंता PMU, मुख्य अभियंता CDO सहित विभागीय अधिकारी, संबंधित संवेदक और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

