JSSC-CGL High Court Decision : JSSC-CGL मामले में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी फिलहाल सुरक्षित
JSSC-CGL High Court Decision : झारखंड हाई कोर्ट से चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, सरकारी सेवाओं में बने रहेंगे सफल उम्मीदवार; कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं की CID जांच जारी
JSSC-CGL High Court Decision : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच झारखंड हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। इस फैसले से JSSC-CGL के माध्यम से चयनित होकर सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। अदालत के फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थी फिलहाल अपने पदों पर कार्यरत रहेंगे, वहीं परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर CID की जांच जारी रहेगी।
दरअसल, JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के बाद राज्य सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया और इसके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने का निर्णय लिया था। सरकार के इस फैसले को चुनौती देते हुए सफल अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि कुछ लोगों की कथित अनियमितताओं के कारण पूरी परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करना हजारों निर्दोष एवं मेहनती अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा।
मामले की सुनवाई के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से यह भी दलील दी गई कि जिन उम्मीदवारों के विरुद्ध अनियमितता के ठोस साक्ष्य उपलब्ध हैं, उनके खिलाफ व्यक्तिगत स्तर पर कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन पूरी चयन प्रक्रिया को संदेह के आधार पर रद्द करना उचित नहीं है।
वहीं, कथित पेपर लीक मामले में CID की विशेष जांच टीम (SIT) अपनी जांच जारी रखे हुए है। जांच के दौरान 700 से अधिक सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई है। मामले में 13 सफल अभ्यर्थियों समेत कुल 25 आरोपितों की गिरफ्तारी भी हुई है। इसके अलावा करीब 465 संदिग्ध अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
हाई कोर्ट के फैसले से फिलहाल चयनित अभ्यर्थियों की सरकारी नौकरी सुरक्षित रहने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों को जांच से राहत मिल गई है। CID अपनी जांच जारी रखेगी और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस फैसले के बाद JSSC-CGL से चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है। अब सभी की निगाहें CID जांच के अंतिम निष्कर्ष और मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

