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HEMANT SOREN : कैबिनेट बैठक में 30 प्रस्तावों पर लगी मुहर

Bharti Warish

JHARKHAND NEWS : झारखंड सरकार ने राज्यवासियों को सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जहां रांची में दो समेत राज्य में तीन सड़कों के चौड़ीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई वहीं लोहरदगा, खूंटी और सरायकेला-खरसावां में 100-100 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट अस्पताल को हरी झंडी दी गई। इस बैठक में कैबिनेट ने कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी।

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बैठक में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग नियमावली 2021 में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई। जानकारी के अनुसार रांची को पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाली रांची-पुरुलिया रोड में नामकुम आरओबी से अनगड़ा तक 17 किलोमीटर की सड़क को फोरलेन किया जाएगा।

इसपर 181.73 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं रांची शहर के बीच बरियातू-बड़गाईं लेम बोड़ेया पथ का निर्माण व चौड़ीकरण किया जाएगा। इसपर 111.35 करोड़ खर्च होंगे। इस सड़क से बरियातू से बोड़ेया की दूरी घटेगी। यह रास्ता रिंग रोड तक पहुंचेगा।

दुमका में बाइपास में 7.30 किमी सड़क फोरलेन बनेगी। इसके लिए 76.45 करोड़ की स्वीकृति मंत्रिपरिषद ने दी है। इसके अलावा केंद्र संपोषित आयुष्मान योजना के तहत लोहरदगा, खूंटी व सरायकेला खरसांवा जिला में 100-100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट अस्प्ताल बनेगा।

इसके साथ ही अस्पतालों, सिविल सर्जन के यहां बाह्य कोटे से वाहनों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है। इसके लिए विभाग में 34 बोलेरो व दस बसों के परिचालन का प्रस्ताव है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रांची के नगड़ी प्रखंड के मुड़मा में कुष्ठ रोगियों के लिए 256 आवास बनेंगे। इसके अलावा जमशेदपुर में पीपीपी के तहत इंटरस्टेट बस टर्मिनल का निर्माण को भी हरी झंडी दी गई।

वहीं जल संसाधन विभाग में पुनर्वास नीति को पांच सालों का विस्तार दिया गया है। जेबीवीएनएल पर विद्युत उत्पादन कंपनियों के बकाए के भुगतान के लिए 2632 करोड़ का कर्ज दिया जाएगा।

HEMANT SOREN झारखंड राज्य खनिज विकास लिमिटेड को बालू घाटों के संचालन के लिए तीन साल के अवधि विस्तार की मंजूरी दी गई।

– रांची-पुरुलिया रोड में नामकुम आरओबी से अनगड़ा तक 17 किलोमीटर की सड़क को फोरलेन किया जाएगा।
– बरियातू-बड़गाईं होते बोड़ेया पथ का निर्माण व चौड़ीकरण किया जाएगा। इसे रिंग रोड से जोड़ा जाएगा।
– दुमका में भी दुमका बाइपास में 7.30 किलोमीटर सड़क फोरलेन बनेगी। इससे आवागमन आसान होगा।

– खूंटी, लोहरदगा और सरायकेला-खरसावां में सौ-सौ बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट अस्पताल के निर्माण को मिली स्वीकृति
– स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए बाह्य कोटे से वाहनों के इस्तेमाल की स्वीकृति
– स्वास्थ्य विभाग में 34 बोलेरो और दस बसों के परिचालन को भी मिली हरी झंडी

कैबिनेट बैठक में राज्य के 180 अराजकीय मदरसों व 11 संस्कृत विद्यालयों के शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतन व पेंशन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

इसके अलावा बैठक में इन कर्मचारियों को नई अंशदायी पेंशन का लाभ देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई। इस फैसले से झारखंड के 11 संस्कृत विद्यालयों के करीब 500 और 180 मदरसों के करीब 5600 शिक्षकों को पेंशन का लाभ मिलेगा।

इन्हें 2014 में भी पेंशन देने का निर्णय लिया गया था, लेकिन 2018 में तत्कालीन सरकार ने उस पर रोक लगा दी थी। संस्कृत विद्यालयों व मदरसा के शिक्षकों की संयुक्त बिहार के समय 1980 की नियमावली के अनुसार 62 वर्ष सेवा होती थी।

ऐसे में झारखंड सरकार ने यह तय किया था कि 60 वर्ष में सेवानिवृत्ति के बाद ही इन शिक्षकों को पेंशन मिलेगी। अगर कोई 62 वर्ष तक सेवा देते हैं तो वे पेंशन के हकदार नहीं होंगे।

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