

पेटरवार प्रखंड के खेतको पंचायत में झंडा गाड़ने के दौरान हुआ हादसा, सभी घायलों को Bokaro जनरल अस्पताल में भर्ती
रामनवमी के उत्सव के दौरान Bokaro में एक बड़ा हादसा हो गया, जब महावीरी झंडा हाईटेंशन बिजली तार के संपर्क में आ गया। इस दुर्घटना में छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जारी है।

Bokaro जिले में रामनवमी के पावन अवसर पर एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पेटरवार प्रखंड के खेतको पंचायत में महावीरी झंडा गाड़ने के दौरान यह दुर्घटना हुई, जिसमें छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को Bokaro में रामनवमी के मौके पर उत्सव का माहौल था। ग्रामीण बड़े उत्साह के साथ महावीरी झंडा स्थापित करने की तैयारी कर रहे थे और शोभायात्रा निकालने की भी तैयारी चल रही थी। इसी दौरान झंडा गाड़ने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा लोहे का पाइप ऊपर से गुजर रहे 33 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार के संपर्क में आ गया।
जैसे ही पाइप तार से टकराया, तेज करंट पूरे पाइप में दौड़ गया और वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए घायलों को वहां से हटाया और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को पहले Bokaro थर्मल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बोकारो जनरल अस्पताल रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को रांची के रिम्स अस्पताल भी भेजा जा सकता है।
इस घटना के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखें और हाईटेंशन तारों के आसपास सावधानी बरतें।
वहीं स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस हादसे के पीछे बिजली तारों की कम ऊंचाई भी एक बड़ा कारण है। उनका आरोप है कि यदि बिजली तार उचित ऊंचाई पर होते, तो इस तरह की दुर्घटना से बचा जा सकता था।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि रामनवमी को ध्यान में रखते हुए 11 हजार वोल्ट की लाइन की बिजली आपूर्ति पहले ही बंद कर दी गई थी, लेकिन 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन चालू रहने के कारण यह हादसा हो गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान सभी हाईटेंशन लाइनों को अस्थायी रूप से बंद किया जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह घटना न केवल एक गंभीर चेतावनी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। प्रशासन और आम जनता दोनों को मिलकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।